Category Archives: Non Registered – अपंजीकृत

खांसी का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of cough

यह सन्देश निर्मल महतो का नवाडी, बोकारो, झारखण्ड से है. इस सन्देश में निर्मलजी का कहना है की खांसी कोई रोग नहीं है यह तो रोग का लक्षण मात्र है. खांसी मुख्यतः तीन प्रकार की होती है सूखी खांसी, कफयुक्त खांसी और काली खांसी. सूखी खांसी में खांसने पर कठिनाई से थोडा-थोडा लसेदार कफयुक्त थूक निकलता है. कफयुक्त खांसी में खांसने से कफ निकलता है. काली खांसी ज्यादातर छोटे बच्चों को होती है. इस खांसी में खांसते-खांसते बच्चों का मुहँ लाल हो जाता है जिससे बच्चा बेहाल हो जाता है. इसके उपचार के लिए भूनी हुई 10 ग्राम फिटकरी और 100 ग्राम देसी खांड (मिश्री) को साथ में महीन पीसकर इसकी चार पुडिया बना कर रख लें. इसे सूखी खांसी होने की दशा में 1 पुडिया आधा गिलास दूध में रात में सोते समय लें. कफयुक्त खांसी होने पर यही पुडिया आधा गिलास गुनगुने पानी के साथ ले. खांसी ठीक हो जानेपर यह दवाई खाना बंद कर दें. इस उपचार से पुरानी से पुरानी खांसी भी 2 हफ़्तों में ठीक होती है. कालीमिर्च और मिश्री सामान मात्रा में बारीक पीस ले और इस मिश्रण में इतना देसी घी मिलाये की इसकी आसानी से झरबेरियों (छोटे जंगली बेर) के बराबर गोलियाँ बन जाये. इसे दिन में चार बार चूसने से सभी प्रकार की सूखी और बलगमी खांसी ठीक हो जाती है. पहली गोली चूसने से ही आशातीत परिणाम मिलने लगता है. मुनक्का के बीज निकालकर इसमें तीन कालीमिर्च रखकर चबाये और रात को मुहँ में रखकर सोएँ इससे एक सप्ताह में खांसी ठीक हो जाएगी. 50 ग्राम कालीमिर्च के चूर्ण में 100 ग्राम गुड मिलाकर आधा-आधा ग्राम की गोलियाँ बना लें. इन गोलियों को दिन में 3-4 बार चूसने से खांसी ठीक हो जाएगी. निर्मल महतो का संपर्क है 9204332389

This is a message of Nirmal Mahto from Nawadi, Bokaro, Jharkhand. In this message he is describing us types of cough & how to cure them using traditional methods. He says mainly cough is of three types. Dry cough, Phlegmatic cough & third one is Hooping cough. Hooping cough is occurs usually in children. For curing take 10 gms roasted Alum & 100 gms sugar candy (Mishri). Grind well until fine powder formed. Divide this mixture in four equal parts. Whenever having dry cough take this one part mixture with half glass lukewarm milk at bed time & in case of Phlegmatic cough take this one part mixture with half glass lukewarm water. Grind Black pepper & sugar candy in equal parts add little milk fat (Ghee) mix them well & make pills of average size of berries. Lick this berry four times a day. It is very useful for curing cough. Put 2-3 Black pepper into seed less Raisin and chew. Mix 50 gms pepper powder in 100 gms Jaggery and make pills of half gram each. By licking this pills 3-4 times daily can useful to get rid of cough. Contact of Nirmal Mahato is 9204332389

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पेचिश का पारंपरिक उपचार / Traditional remedy for Dysentery

यह संदेश श्री अनंतराम श्रीमाली का सागर मध्यप्रदेश से है… अपने इस संदेश में श्रीमालीजी हमें पेचिश और पेट में होने वाली मरोड़ के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है… इनका का कहना है की काला जीरा भूनकर 50 ग्राम और 10 ग्राम कुंदस (पंसारी की दुकान में उपलब्ध होता हैका चूर्ण बनाकर उसमे 20 ग्राम मिश्री मिलाकर इसे 10ग्राम सुबहशाम पानी के साथ लेने से मरोड़ वाली पेचिश ठीक होगी… अगर पेचिश खून के साथ हो रही हो तो उसके उपचार के लिए रालसौंठसौंफअनार का छिलका और खसखस 5-5 ग्राम लेकर उसका चूर्ण बना लें… उसमे 15 ग्राम मिश्री मिलाकर सुबहशाम10 ग्राम लेने से खूनी पेचिश ठीक होती है…अनंतराम श्रीमालीजी का संपर्क है 9179607522

This is a message of Shri. Anantram Shrimali from Sagar, Madhya Pradesh… In this message he is telling us traditional remedy to cure Dysentery… He said take roasted Black Cumin seed 50 gram, Kundes (Easily available at grocery shop) 10 gram & after making fine powder add 20 gram sugar candy… By taking this combination in 10 gram quantity with water twice a day can cure Dysentery… If Dysentery with mucus & blood take Rasin, Dry Ginger, Fennel seeds, Poppy seeds & Pomegranate skin 5 gram each & make fine powder of these all ingredients add 15 gram sugar candy & take 10 gram twice a day…It can be useful to cure Dysentery with blood & mucus… Anantram Shrimali’s at 9179607522

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शीत ऋतु में बालों की देखभाल / Hair care in winter

यह सन्देश दीपक आचार्य का अभुमका हर्बल्स, अहमदाबाद से है ..इस संदेश में दीपकजी हमें ठण्ड के दिनों में बालो को रुसी और बाल झड़ने से बचने के देशी उपायों के बारे में बता रहे हैंवह आज हमें दो नुस्खो के बारे में बता रहे हैपहला बालों में जब रुसी हो जाये तो मैथी के दानो को पीसकर चूर्ण बना लेयह चूर्ण 3 ग्राम मात्रा में पानी में मिलाये फिर इसे बालों पर लगायें और आधे घंटे बाद बाल धों लेंऐसा सप्ताह 2-3 बार करने से रुसी से छुटकारा मिल जायेगादूसरा नुस्खा बालों को ठण्ड के मौसम में स्वस्थ और लम्बा रखने के नारियल के तेल में नीबू का रस मिलाकर सर की हलकी मालिश करेंइससे रुसी से छुटकारा मिल जायेगा तथा बाल भी स्वस्थ रहेंगेदीपकजी का संपर्क है 9824050784

This is a message of Deepak Acharya from Abhumka Herbals Pvt. Ltd., Ahmedabad…In this message he is suggesting us how to take care of hairs in Autumn… He said to protect hairs from dandruff mix 3 gram Fenugreek powder in water and apply this solution to hairs & after half an hour wash hairs properly…& this should be repeated 2-3 times a week…Second remedy to keep your hair healthy & lengthy is add Lemon juice to coconut oil and massage your hair by using this combination….Deepakji’s at 9824050784

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नीबू के औषधीय गुण / Medicinal properties of Lemon

यह संदेश शिवकुमार विश्वकर्मा का पांढुर्नामध्यप्रदेश से हैइस संदेश में वह हमें नीबू के गुणों के विषय में बता रहे हैइनका कहना है की सुबह एक गिलास पानी में नीबू का रस और चम्मच शहद मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है… खाने के सोडे (मीठे सोडेमें नीबू का रस मिलाकर मंजन करने से दांत चमकदार होते हैदो चम्मच नारियल तेल में टिकिया कर्पुर और चम्मच नीबू मिलाकर सर की मालिश करने से बालों का झड़ना कम हो जाता हैनहाते समय पानी में 2-3 नीबू का रस और थोडा से नमक मिलाकर नहाने से शरीर की कांति बढती हैभूने हुए नीबू को शहद के साथ खाने से हैजे के कारण हो रही उल्टियाँ रूकती है… नीबू का रस थोडा गरम कर उसमे थोडा शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार चाटने से गले की तकलीफ में आराम मिलता है… नीबू के बीजों का चूर्ण गरम पानी के साथ खाने से पेट के कृमि नष्ट होते है… भोजन से पहले एक गिलास पानी में एक नीबू का रस निचोड़कर पीने से भूख में बढ़ोतरी होती हैशिवकुमार का संपर्क है 9479614459

This is a message of Shivkumar Vishwakarma from Pandhurna, Madhya Pradesh… In this message his is telling us traditional usages of Lemon… He said for reducing weight add lemon juice & 2 tablespoon honey in glassful water and drink regularly at morning… Add little lemon juice to Backing soda and use this combination as toothpaste that makes your teeth bright & shiny…Massaging your head by camphor & lemon mixed coconut oil that can be useful to stop hair loss… Add 2-3 lemon juice and little salt to your bathing water this can be increase body glossiness… Roasted lemon with honey can stop vomiting caused by cholera… By drinking lemon seed powder with lukewarm water it is useful to destroy stomach worms…Shivkumar’s at 9479614459     

 

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चमेली के पत्तियों के गुण / Properties of Jasmine leaves

यह संदेश शिवेंद्र कुमार प्रजापति का जिला अनुपपुर, मध्यप्रदेश से है…इस संदेश में शिवेंद्रजी हमें चमेली के पत्तियों के औषधीय गुणों के विषय में बता रहे है… इनका कहना है की अगर किसी को मसूढ़ों में दर्द हो तो चमेली के पत्तियों को पानी में उबालकर उससे गरारे करने से दर्द में आराम मिलता है… मुहँ में अगर छाले हो गए हो तो चमेली के पत्तों को पान की तरह चबाने से लाभ मिलता है… सरदर्द होने पर सर पर चमेली के फूलों का लेप या चमेली के तेल से सर की मालिश करने से सरदर्द से राहत मिलती है…चमेली के 10 ग्राम पत्ते पीसकर पानी के साथ पीने से पेट के कीड़े नष्ट होकर नित्यक्रिया के दौरान निकल जाते है…अगर उल्टियाँ हो रही हो तो 10 मी.ली चमेली के पत्तियों के रस में 2 ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर चाटने से आराम मिलता है शिवेंद्र का संपर्क है 9981915159

This is a message of Shivendra Kumar Prajapati from Anuppur dist., Madhya Pradesh… In this message Shivendraji is telling us about the medicinal properties of Jasmine leaves…In Toothache & Gums pain Jasmine leaves boil in water and rinse your mouth using this water can be useful to get relief… In case of mouth ulcers chewing of Jasmine leaves could be beneficial… In Headache apply Jasmine flower paste on affected area or massage gently by Jasmine oil… In case of vomiting 10 ml Jasmine leaves juice with 2 gram Black pepper powder could be taken… Shivendra’s at 9981915159

 

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हकलाने / तुतलाने की चिकित्सा / Treatment of Stammering & Lisping

यह सन्देश निर्मल महतोजी का बोकारो झारखण्ड से हैअपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें बच्चों की बीमारियों के इलाज के विषय में बता रहे हैं….बचपन में अक्सर बच्चे हकलाना, तुतलाना जैंसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं….इनका कहना है की फूला हुआ सुहागा शहद में मिला कर जीभ पर रगड़ने से हकलाना कम हो जाता हैदूसरा इलाज बच्चा एक ताजा हरा आंवला कुछ दिन चबाये तो उसका तुतलाना बंद हो जाता हैतीसरा इलाज यदि बच्चा मुहँ में दो काली मिर्च रखकर चबाएं और चूसें यह प्रयोग दिन में दो बार लम्बे समय तक करें…..चौथा इलाज तेजपत्ता को जीभ के नीचे रखने से रुक रुक कर बोलना और हकलाना बंद हो जाता हैनिर्मल महतो का संपर्क है 09204332389

 This message is recorded by Shri Nirmal Mahto from Bokaro, Jharkhand. In this message he is advising about the treatment of stammering (Haklanaa). To cure stammering he suggests four remedies. First is to rub puffed Borax (Suhaga) & some honey on tongue this can reduce stammering. In second treatment affected child chew fresh green Indian gooseberry (Amla) regularly for few days, it is effective to reduce Lisping. Third one is if affected child can chew 2 Black pepper twice a day regularly it can be useful. Nirmalji’s at is 09204332389…

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दूर्वा / दूब की उपयोगिता – Properties of (Coach Grass) Cynodon dactylon

यह संदेश श्री अनंतराम श्रीमाली का सागर, मध्यप्रदेश से है इस संदेश में वह दूर्वा जिसे दूब भी कहते है उसकी उपयोगिता के बारे में बता रहें है.. दूर्वा सभी जगह आसानी से मिल जाती है…और लगभग सभी लोग इस घास के बारे में जानते है…अनंतरामजी का कहना है की दूर्वा 5 ग्राम, बेलपत्र 5 और लौकी 5 ग्राम सभी को ताजा पीसकर लेने से समस्त प्रकार के रक्तविकार दूर होते है… रुके हुए मासिक धर्म को  शुरू करने के लिए दूर्वा 15 ग्राम और उतनी मात्रा में चावल को पीसकर घी में भुनकर लेने से रुका हुआ मासिक धर्म शुरू हो जाता है और यह कमजोरी को भी दूर करता है… अनंतराम श्रीमाली का संपर्क है: 9179607522

This is a message of Shri. Anantram Srimali from Sagar, Madhya Pradesh. In this message Anantramji telling us about the medicinal properties of Coach Grass. This grass is commonly known as “Durva” in Hindi language…He said by taking grind mixture of 5 gm Durva, 5 gm Bael (Aegle marmelos) Leaves & 5 gm Louki (Bottle Gourd) that can cure blood related disorders. To continue stopped Mensuration take 15 gm Durva and same amount of Rice and grind well and roast this mixture using ghee. Anantram Shrimali is at 9179607522

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पेट के कृमियों का परंपरागत उपचार / Traditional treatment of stomach worms

यह सन्देश निर्मल महतोजी का बोकारो झारखण्ड से हैअपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें पेट में होने वाले कीड़ो से बचने का उपचार के बारे में बता रहे हैपेट में कीड़े या कृमि यह रोग ज्यादातर बच्चों में ही पाया जाता हैइस रोग के कारण शरीर का वजन कम होने लगता है तथा मल में साथ में कीड़े भी निकलने लगते हैइसके उपचार के लिए आधा ग्राम अजवाइन में उतने वजन का गुड मिलाकर दिन में तीन बार खिलाने से लाभ होता हैयह 3-5 वर्षों के बच्चों को खिलाना चाहिएबच्चों को सुबह 10 ग्राम गुड खिलाना चाहिए इससे पेट के सारे कीड़े एकत्रित हो जाते है इसके बाद आधा ग्राम अजवाइन का चूर्ण बासी पानी से खिलाने से कीड़े मल के साथ निकल जाते हैअगर यही समस्या वयस्कों को हो तो उन्हें 50 ग्राम गुड खाने के बाद 2 ग्राम अजवाइन का चूर्ण बासी पानी के साथ लेना चाहिएबच्चों को रात को सोने से पहले आधा ग्राम अजवाइन के चूर्ण में चुटकी भर काला नमक मिलाकर गुनगुने पाने से देना चाहिए इससे सारे कीड़े मरकर सुबह मल के साथ निकल जायेंगेवयस्क इससे दुगनी मात्रा में इसका प्रयोग करेंअजवाइन का चूर्ण मट्ठे के साथ लेने से भी लाभ मिलता हैटमाटर के साथ कालीमिर्च और सैंधा नमक मिलकर खाने से भी आराम मिलता हैनिम्बू के बीजो को पीसकर उसका चूर्ण 1 ग्राम बच्चों को और 3 ग्राम वयस्कों को गुनगुने पानी के साथ देने से आराम मिलता हैबच्चो को एक सेव फल रात को छिलके समेत खिलाना चाहिए..पर उसके बाद पानी नहीं पिलाना चाहिए ऐसा करने से एक सप्ताह में पेट के कीड़े नष्ट हो जाते है.. अनार का रस पीने से भी इस रोग में आराम मिलता है….

 This message is from Shri Nirmal Mahoto of Bokaro, Jharkhand …. He is advising about treatment for stomach worms … the problem of stomach worms (krimi) is generally found in children …generally loss of weight is observed alongwith worms are seen in stool ….. for treatment take half gram Ajwain with equal amount of Gur (Jaggery) three times daily … this is effective for 3~5 years children … children should be given 10 gms of Gur (Jaggery) in the morning so that the worms accumulate and then if given 1/2 gm Ajwain powder with water would result in the worms being excreted with stool … for adults the dosage is 50 gms of Gur and then 2gms of Ajwain (Carom Seeds) powder. Giving 1/2 gm Ajwain powder with a pinch of Rock Salt in warm water at night will also help in excreting the worms with stool … for adults the dosage is double that for children. Ajwain churn could also be taken with butter milk (matha) Tomato with black pepper and rock salt (saindha namak) also provides relief … crushed lemon seeds taken with warm water also gives relief – 1 gm for children and 3 gms for adults … For children one unpealed apple taken during bedtime for one week also helps in destroying the worms – however no water should be taken afterwards …. Anar (Pomegranate) juice is also helpful

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नीम के औषधीय गुण / Medicinal properties of Neem

यह सन्देश निर्मल महंतो का नवाडी, जिला बोकारो, झारखण्ड से है अपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें नीम के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे हैइनका कहना है की नीम का वृक्ष बहुऔषधीय होता हैइसके पत्तियां नेत्रों के लिए हितकारी हैयह विषनाशक, अरुचि और कुष्ठ का नाश करने वाली होती हैइसकी कोपलें गर्मी और कफ नाशक होती हैइसके सूखे पत्ते कपड़ों और अनाजों का कीड़ों से बचाव करते हैनीम के फुल स्वाद में कडवे और कृमि और कफ नाशक हैइसकी पकी निंबोली नेत्र रोग, रक्तपित्त तथा क्षय रोग नाशक होती है….नीम का पंचांग रक्तविकार, पित्त, खुजली, कुष्ठ नाशक हैनीम का बीज कृमि नाशक, पुराने गठिया और खुजली पर इसका लेप करने से लाभ होता हैनीम का तेल कृमि, कोढ़ और त्वचा रोग नाशक होता हैजोड़ो के दर्द और गठियावात में नीम के तेल की मालिश फायदेमंद हैनीम के पत्तों का एक चम्मच रस 3-4 दिनों तक लेने से भी इन रोगों में लाभ होता हैपकी हुई 3-4 निम्बोली प्रतिदिन खाने से खूनी बवासीर में लाभ मिलता हैनीम का 5 बूँद तेल प्रतिदिन सेवन करने एवं नीम के तेल बवासीर के मस्सो पर लगाने से बवासीर में लाभ होता हैइस प्रकार नीम के तेल का प्रयोग करते समय घी का प्रयोग अवश्य करेंप्रतिदिन नीम की दातुन का प्रयोग दाँतों के सफाई के लिए करते रहने से दन्त रोगों में आराम मिलता हैनीम के पुष्प, निम्बोली, पत्ते, जड़ और छाल का पंचांग यानि काढ़ा तैयार कर थोडा गुनगुना रहने पर इससे गरारे करने से दांतों के कष्ट और मसूढ़ों के सूजन दूर हो जाती है… निर्मलजी का संपर्क है 09204332389

 This is a message of Nirmalji Mahanto from Nawadi, Dist. Bokaro, Jharkhand…He is describing us medicinal properties of Neem (Azadirachta indica). He said Neem has several medicinal properties. Neem has Anti-Venomous, Anti-Anorexia properties. Apart from this dried neem leaves is useful to protect our cloth wares & cereals from insects. In Arthritis & joint pain massage of Neem oil is very beneficial. Regular use of Neem oil and applying it on warts can be useful to cure piles problems… Nirmalji’s contact is 09204332389

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नवजात बच्चों के लिए सामान्य चिकित्सा

यह सन्देश अनंतराम श्रीमाली का सागर, मध्यप्रदेश से है…इस सन्देश में अनंतरामजी ठण्ड के इस मौसम में दूध पीते नवजात बच्चों को होनी वाली बीमारियों के निदान के बारे में बता रहें है…इनका कहना है की कस्तूरी गोली 1, कायफल 1 ग्राम को दूध में घिसकर इसे माँ अपने दूध में मिलाकर दिन में एक बार पिलायें इससे नवजात बच्चों को ठण्ड के कारण होने वाले रोगों से छुटकारा मिलेगा…बच्चो को होने वाले अतिसार या दस्त में अमरुद 50 ग्राम पत्तों को कूट कर काढ़ा बना लें और लगभग 20-25 ग्राम काढ़े में 1 ग्राम आवंला चूर्ण मिलाकर बच्चों को दिन में दो बार दें यह नवजात बच्चों को होने वाले अतिसार को रोकता है..

This is a message of Anantram Shrimali from Sagar, Madhya Pradesh. In this message Anantramji is telling us how to cure infants in winter season. He said to cure infants from winter related problems take 1 tablet Kasturi and 1 gram Myrica esculenta (Kayephal) and mix together and give it to infants with breast milk. By doing so new born babies can get rid of diseases caused by cold.. To treat Diarrhea in new born babies crush 50 gram Guava leaves and boil it with some water until decoction formed then mix 1 gram Phyllanthus emblica (Amla) powder and give it to new born babies. This can cure them from Diarrhea… Contact of Anantram Shrimali is 9179607522

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