Category Archives: Nirmal Mahto – निर्मल महतो

सूखी खांसी का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of dry cough

यह सन्देश निर्मल महतो का नवाडी, बोकारो, झारखण्ड से है. अपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें सूखी खांसी का पारंपरिक उपचार बता रहे है. इनका कहना है कालीमिर्च और मिश्री को खाने से सूखी खांसी में लाभ मिलता है. कालीमिर्च और मिश्री को बराबर मात्रा में पीस लें और इसमें इतना घी मिलाए जिससे इसकी छोटी-छोटी गोलियाँ बन जाये. इन गोलियों को चूसने से हर प्रकार के खांसी में लाभ मिलता है. 10 ग्राम कालीमिर्च को पीसकर शहद के साथ सुबह शाम चाटने या 10 कालीमिर्च के दानो को पीसकर एक चम्मच गुनगुने घी में मिलाकर चाटने से सूखी खांसी में आराम मिलता है. कालीमिर्च के 10 दानो को पीसकर उसमे ¼ चम्मच सौंठ मिलाकर उसे 1 चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम चाटने से कफयुक्त खांसी में लाभ होता है. 1 चम्मच पीसी हुई कालीमिर्च 60 ग्राम गुड में मिलाकर इसकी गोलियाँ बना लें. इन गोलियों को सुबह-शाम चूसें. मिश्री और धनिया समभाग लेकर उसे चावल के धोवन में मिलाकर पीने से कफयुक्त खांसी में लाभ मिलता है.

This is a message of Nirmal Mahto, Nawadi, Jharkhand. In this message Nirmalji is telling us traditional remedy to get of dry cough. He says eating black pepper after adding sugar candy is beneficial in dry cough. Grind black pepper & sugar candy in equal & make pills after adding adequate amount of ghee. This pills is useful in all types of cough problems. Licking 10 gms black pepper powder with honey or taking 10 gms black pepper powder with lukewarm ghee are also useful. Grind 10 nos black pepper add  ¼ spoon dry ginger powder taking this combination after adding 1 spoon honey can be benefited in cough containing mucus. Taking sugar candy & coriander powder in equal ratio with rice washed water is also helping to get rid of cough.

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कमरदर्द का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Lower joint pain

यह सन्देश निर्मल महतो का नवाडी, बोकारो, झारखण्ड से है. अपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें कमरदर्द का पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहें है. इनका कहना है कि कमरदर्द होने की स्थिति में तली हुए वस्तुएं और चावल का सेवन न करें. पानी को उबालकर ठंडा करके पियें. रात को 60~70 ग्राम गेहूँ को साफ़ करके पानी में भीगा दें और सुबह इन भीगे हुए गेहूँ को 30 ग्राम खसखस और 30 ग्राम सूखी धनियाँ के बीजों के साथ पीस लें. जिससे यह चटनी की भांति हो जाएगी. इसे आधा लीटर दूध में डाल कर उबालें. इस प्रकार बनी खीर का 2 सप्ताह तक नियमित सेवन करने से कमरदर्द में असाधारण लाभ मिलता है. एक जायफल को पानी में घीसकर तिल के तेल में पकाएं. इस तेल से मालिश करने से भी कमरदर्द में लाभ मिलता है. एक चम्मच अदरक के रस का आधे चम्मच शहद के साथ दिन में तीन बार सेवन करें. इससे भी कमरदर्द में आराम मिलेगा. निर्मल महतो का संपर्क है 9204332389

This is a message of Nirmal Mahto from Nawadi, Bokaro, Jharkhand. In this message he is telling us traditional remedy of lower back pain (Lumbar). He say’s in case of lower back pain the affiliated person should avoid rice & oily products. Use cooled boiled water. Soak 60~70 gms wheat overnight in water. In morning grind this soaked wheat with 30 gms Poppy seeds & 30 gms dried Coriander seeds together and boil this preparation in half liter milk. Taking this condensed milk regularly for 2 weeks is useful for getting relief from lower back pain. Rub Nutmeg on any clean rough surface using little water until paste is formed & fry this paste using in Sesame oil. This oil is effective for reducing lower back pain. Taking spoonful Ginger juice with half spoon Honey thrice a day is also effective in lower joint pain. Nirmal Mahto’s at 9204332389

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आँखों में तिनका-कचरा जाने का उपचार / Treatment of any foreign particle is gone into eyes

यह सन्देश निर्मल महतो का नवाडी, बोकारो, झारखण्ड से है. अपने इस सन्देश में निर्मलजी का कहना है कि अगर आँखों में अगर कोई तिनका, कचरा, मसाला चला जाये तो आँखों में दर्द और सूजन आ जाती है और आँखों से कीचड़ भी ज्यादा आने लगता है. ऐसी स्थति में आँखों पर कच्चे दूध में भीगा हुआ रुई का फाहा रखने से आराम मिलता है. आँखों में भी 2-3 बुँदे कच्चे दूध की डाल देनी चाहिए. अगर आँख में मिट्टी या बारीक कंकड़, रेत चली जाये तो अत्याधिक पीड़ा का अनुभव होता है. ऐसे में आँख में अरंड के तेल की एक बूंद डाल कर आँख की सिकाई करने से लाभ मिलता है. निर्मल महतो का संपर्क है 9204332389

This is a message of Nirmal Mahto from Nawadi, Bokaro, Jharkhand. He says if any foreign particle like dust, whit, spice or any sand particle dust particle is gone into eyes then it is very painful & in some cases eyes become swollen. In this case soak cotton pledget in raw milk and put it on the eyes & drip 2-3 drops of raw milk in affected eye as well. In the same way any sand particle or mud dust particle is gone into eyes then excessive pain is experienced. Drip 1 drop of Castor oil in affected eye and  fomenting eye with warm cotton cloth is useful. Nirmal Mahato’s at 9204332389

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केले की उपयोगिता / Useful properties of Banana

यह सन्देश निर्मल महतो का नवाडी, बोकारो, झारखण्ड से है. अपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें केले की उपयोगिता के बारे में बता रहें है. इनका कहना है कि केला एक गुणकारी फल है और इसकी एक खासियत यह है कि यह सर्वत्र  वर्ष भर उपलब्ध होता है. इसकी गणना पवित्र फलों में की जाती है. भारत में लगभग सभी विवाह समारोहों, पूजा, विभिन्न आयोजनों में केले की पत्तियों का उपयोग होता है. इस की पत्तियों के तोरण बनाये जाते है. कई अंचलो में प्रितिभोजों के अवसर पर इसकी पत्तियों का उपयोग पत्तल के रूप में किया जाता है. कई अफ़्रीकी देशों में यह लोगो के मुख्य भोजन में शामिल है. वह कच्चे केले को सूखाकर उससे बने आटे का उपयोग रोटी बनाने में करते है.  पके केले तो खाए ही जाते है पर कच्चे केलों को उबालकर और भूनकर भी खाया जाता है. कच्चे केलों और इसके फूलों का प्रयोग सब्जी के रूप में भी किया जाता है. दक्षिण भारत में इसका प्रचलन अधिक है. वैज्ञानिक अनुसंधानों के अनुसार केला एक बहुगुणी फल है. केले में पौष्टिक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते है. कार्बोहाइड्रेट के अलावा इसमें लौह तत्व, कैल्शियम, सल्फर और कॉपर पर्याप्त मात्रा में होता है. जीवनशक्ति प्रदान करने वाले विटामिन और हड्डियों को मजबूती देने वाला फास्फोरस भी इसमें पाया जाता है. केले के नियमित सेवन से रक्त कणों की अभिवृद्धि और हड्डियाँ परिपुष्ट होती है. यह एक अत्यंत सुपाच्य फल है. अल्सर में केले की सब्जी लाभदायक होती है. निर्मल महतो का संपर्क है 9204332389

This is a message of Nirmal Mahto from Nawadi, Bokaro, Jharkhand. In this message he is telling use different useful properties of Banana. He say’s Banana is a healthy fruit & its USP is that it is universally available throughout the year. In India It is used in almost every wedding ceremonies & worships. Banana leaves is used for making archway. In many regions Banana leaves are used as plates in party occasions. In many African countries Banana is included in their main meals. They are using dried Banana floor for making bread. Raw Bananas is also eaten after baking or roasting. Raw Banana & Banana flowers are used as a vegetable. It is more prevalent in Southern India. According to scientific research Banana is a multipurpose fruit. Banana is rich in nutrients. In addition to carbohydrates, Banana contains iron, sulfur, copper & calcium in adequate quantity as well.  Banana is packed with vitamins for improving viability & phosphorus to strengthen bones. It is highly digestive fruit. Taking Banana as a vegetable is very useful for Ulcer patients. Nirmal Mahto’s at 9204332389

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गुर्दों के दर्द का पारंपरिक उपचार / Traditional remedy of Kidney pain

यह सन्देश निर्मल महतो का बोकारो, झारखण्ड से है. अपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें गुर्दों के दर्द को ठीक करने के पारंपरिक उपचार के विषय में बता रहें है. इनका कहना है कि 20 ग्राम अजवाइन, 10 ग्राम सैंधा नमक और 20 ग्राम तुलसी की सूखी पत्तियों का चूर्ण बना लें. इस चूर्ण को 2-2 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम गुनगुने पानी के साथ लें. इनका कहना है की इस चूर्ण का 1-2 बार प्रयोग करने से ही लाभ होने लगता है. खरबूजे के उपरी छिलके को सुखाकर उसे 10 ग्राम की मात्रा में 250 मी.ली पानी में उबालें फिर उसे छानकर थोड़ी सी मिश्री मिलाकर उसे आधा-आधा कप सुबह-शाम पीने से गुर्दों के दर्द में आराम मिलता है. कद्दू और सीताफल को बारीक काट कर थोडा सा गर्म करके दर्द वाले स्थान पर बांधने से दर्द कम हो जाता है. अंगूर की बेल के 30 ग्राम पत्तियों को पानी में पीसकर छानकर उसमे थोडा सा नमक मिलाकर गुर्दे से दर्द से ग्रसित व्यक्ति को पिलाने से आराम मिलता है. निर्मल महतो का संपर्क है: 8674868359

This is a message of Nirmal Mahto from Bokaro, Jharkhand. In this message Nirmalji is telling us traditional remedy for Kidney pain. He say’s make powder of 20 gms Carom seeds, 10 gms Rock salt & 20 gms dry Basil leaves. By taking this powder in 2-2 gms quantity with lukewarm water twice a day can be useful in Kidney pain. Make a powder of dried upper skin of Musk melon seeds and boil this 10 gms powder in 250 ml water add little sugar candy and after filtration this half cup water can be given to the patient twice a day. Chop Pumpkin & Custard apple and after warming tie this on pain site. Grind the leaves of Grape vine with water and after filtration add little salt. By giving this combination can be useful for Kidney pain patient. Nirmal Mahato’s at 8674868359

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गले के दर्द और सूजन का पारंपरिक उपचार / Traditional remedy of throat pain & swelling.

यह सन्देश निर्मल महतो का बोकारो, झारखण्ड से है. इस सन्देश में निर्मलजी हमें गले की सूजन व दर्द को दूर करने के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहें है. इनका कहना है कि अगर सूजन के कारण गले में दर्द हो तो 2 बड़े चम्मच अजवाइन को आधा लीटर पानी में 15 मिनिट तक उबालें और इसमें एक चुटकी साधारण नमक मिलाकर इस पानी से सुबह और रात को सोने के पहले गरारे करने से आराम मिलता है. सूखा धनिया 50 ग्राम और इतनी ही मिश्री मिलाकर दिन में 2-3 बार चबाकर खाने से भी लाभ मिलता है. पालक को पानी में उबालकर छान ले और इस गुनगुने पानी से गरारे करने से गले का दर्द और सूजन में राहत मिलती है. निर्मलजी का संपर्क है 8674868359

This is a message of Nirmal Mahto from Bokaro, Jharkhand. In this message he is suggesting traditional remedy for throat congestion, swelling and pain. He say’s in case of throat pain & swelling boil 2 spoonful of Carom seeds in half liter water for 15 minutes add a pinch of salt and gargle with this water at morning & before bed time. Mix dry Coriander and sugar candy in equal parts by chewing this mixture 2-3 times a day can be useful. Boil Spinach in water and after filtering gargle by using this lukewarm water can be useful to get rid of throat pain & swelling. Nirmal Mahato is at 8674868359

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सरदर्द का पारंपरिक इलाज / Traditional treatment of Headache

यह सन्देश निर्मल महतो का बोकारो, झारखण्ड से है इस सन्देश में निर्मलजी हमें सरदर्द का पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. उनका कहना है की सरदर्द कोई रोग नहीं अपितु यह तो किसी अन्य रोगों का लक्षण मात्र है. सरदर्द का होना शारीरिक या मानसिक व्याधि की चेतावनी है. अधिकतर सरदर्द पेट की खराबी के कारण होता है पर इसके होने के अन्य कारक अधिक परिश्रम, अनिद्रा, खून की कमी, मासिक काल, उच्चरक्त चाप, सर्दी जुकाम, आखों पर अधिक जोर पड़ना आदि है. सरदर्द से बचने के लिए सुबह आधा गिलास तरबूज के गुदे का रस मिश्री मिलाकर पीने से सरदर्द में आराम मिलता है और दिन भर स्फूर्ति बनी रहेती है. तरबूज की मींगी (बीज के अंदर का भाग) को थोड़े पानी के साथ पीसकर लेप बना ले और उसे सर पर लगाने से सरदर्द में लाभ मिलाता है. सेवफल के टुकडे पर सुबह नमक लगा कर खाने से सरदर्द में आराम मिलता है. प्याज का रस पैर के तलवों पर लगाने से भी सरदर्द में आराम मिलता है. निर्मलजी का संपर्क है 9204332389

This is a message of Nirmal Mahto from Bokaro, Jharkhand. In this message he is telling us traditional treatment of Headache. He says Headache is not a disease it is only symptoms of forthcoming or any other disease. Headache is generally caused by improper digestion, Insomnia, Hypertension, Stress on eyes etc. Traditional treatment headache is take half glass meshed pulp of watermelon after adding sugar candy at morning this cannot cure headache only but it can energizing your body as well. Eat piece of Apple with salt at morning can cure headache. Crush Mingi (Inner part of seed) of watermelon seed with water and apply on head to get rid of headache. By applying onion paste on soles can also beneficial for curing headache. Nirmal Mahato is at 9204332389

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खांसी का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of cough

यह सन्देश निर्मल महतो का नवाडी, बोकारो, झारखण्ड से है. इस सन्देश में निर्मलजी का कहना है की खांसी कोई रोग नहीं है यह तो रोग का लक्षण मात्र है. खांसी मुख्यतः तीन प्रकार की होती है सूखी खांसी, कफयुक्त खांसी और काली खांसी. सूखी खांसी में खांसने पर कठिनाई से थोडा-थोडा लसेदार कफयुक्त थूक निकलता है. कफयुक्त खांसी में खांसने से कफ निकलता है. काली खांसी ज्यादातर छोटे बच्चों को होती है. इस खांसी में खांसते-खांसते बच्चों का मुहँ लाल हो जाता है जिससे बच्चा बेहाल हो जाता है. इसके उपचार के लिए भूनी हुई 10 ग्राम फिटकरी और 100 ग्राम देसी खांड (मिश्री) को साथ में महीन पीसकर इसकी चार पुडिया बना कर रख लें. इसे सूखी खांसी होने की दशा में 1 पुडिया आधा गिलास दूध में रात में सोते समय लें. कफयुक्त खांसी होने पर यही पुडिया आधा गिलास गुनगुने पानी के साथ ले. खांसी ठीक हो जानेपर यह दवाई खाना बंद कर दें. इस उपचार से पुरानी से पुरानी खांसी भी 2 हफ़्तों में ठीक होती है. कालीमिर्च और मिश्री सामान मात्रा में बारीक पीस ले और इस मिश्रण में इतना देसी घी मिलाये की इसकी आसानी से झरबेरियों (छोटे जंगली बेर) के बराबर गोलियाँ बन जाये. इसे दिन में चार बार चूसने से सभी प्रकार की सूखी और बलगमी खांसी ठीक हो जाती है. पहली गोली चूसने से ही आशातीत परिणाम मिलने लगता है. मुनक्का के बीज निकालकर इसमें तीन कालीमिर्च रखकर चबाये और रात को मुहँ में रखकर सोएँ इससे एक सप्ताह में खांसी ठीक हो जाएगी. 50 ग्राम कालीमिर्च के चूर्ण में 100 ग्राम गुड मिलाकर आधा-आधा ग्राम की गोलियाँ बना लें. इन गोलियों को दिन में 3-4 बार चूसने से खांसी ठीक हो जाएगी. निर्मल महतो का संपर्क है 9204332389

This is a message of Nirmal Mahto from Nawadi, Bokaro, Jharkhand. In this message he is describing us types of cough & how to cure them using traditional methods. He says mainly cough is of three types. Dry cough, Phlegmatic cough & third one is Hooping cough. Hooping cough is occurs usually in children. For curing take 10 gms roasted Alum & 100 gms sugar candy (Mishri). Grind well until fine powder formed. Divide this mixture in four equal parts. Whenever having dry cough take this one part mixture with half glass lukewarm milk at bed time & in case of Phlegmatic cough take this one part mixture with half glass lukewarm water. Grind Black pepper & sugar candy in equal parts add little milk fat (Ghee) mix them well & make pills of average size of berries. Lick this berry four times a day. It is very useful for curing cough. Put 2-3 Black pepper into seed less Raisin and chew. Mix 50 gms pepper powder in 100 gms Jaggery and make pills of half gram each. By licking this pills 3-4 times daily can useful to get rid of cough. Contact of Nirmal Mahato is 9204332389

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हकलाने / तुतलाने की चिकित्सा / Treatment of Stammering & Lisping

यह सन्देश निर्मल महतोजी का बोकारो झारखण्ड से हैअपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें बच्चों की बीमारियों के इलाज के विषय में बता रहे हैं….बचपन में अक्सर बच्चे हकलाना, तुतलाना जैंसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं….इनका कहना है की फूला हुआ सुहागा शहद में मिला कर जीभ पर रगड़ने से हकलाना कम हो जाता हैदूसरा इलाज बच्चा एक ताजा हरा आंवला कुछ दिन चबाये तो उसका तुतलाना बंद हो जाता हैतीसरा इलाज यदि बच्चा मुहँ में दो काली मिर्च रखकर चबाएं और चूसें यह प्रयोग दिन में दो बार लम्बे समय तक करें…..चौथा इलाज तेजपत्ता को जीभ के नीचे रखने से रुक रुक कर बोलना और हकलाना बंद हो जाता हैनिर्मल महतो का संपर्क है 09204332389

 This message is recorded by Shri Nirmal Mahto from Bokaro, Jharkhand. In this message he is advising about the treatment of stammering (Haklanaa). To cure stammering he suggests four remedies. First is to rub puffed Borax (Suhaga) & some honey on tongue this can reduce stammering. In second treatment affected child chew fresh green Indian gooseberry (Amla) regularly for few days, it is effective to reduce Lisping. Third one is if affected child can chew 2 Black pepper twice a day regularly it can be useful. Nirmalji’s at is 09204332389…

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पेट के कृमियों का परंपरागत उपचार / Traditional treatment of stomach worms

यह सन्देश निर्मल महतोजी का बोकारो झारखण्ड से हैअपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें पेट में होने वाले कीड़ो से बचने का उपचार के बारे में बता रहे हैपेट में कीड़े या कृमि यह रोग ज्यादातर बच्चों में ही पाया जाता हैइस रोग के कारण शरीर का वजन कम होने लगता है तथा मल में साथ में कीड़े भी निकलने लगते हैइसके उपचार के लिए आधा ग्राम अजवाइन में उतने वजन का गुड मिलाकर दिन में तीन बार खिलाने से लाभ होता हैयह 3-5 वर्षों के बच्चों को खिलाना चाहिएबच्चों को सुबह 10 ग्राम गुड खिलाना चाहिए इससे पेट के सारे कीड़े एकत्रित हो जाते है इसके बाद आधा ग्राम अजवाइन का चूर्ण बासी पानी से खिलाने से कीड़े मल के साथ निकल जाते हैअगर यही समस्या वयस्कों को हो तो उन्हें 50 ग्राम गुड खाने के बाद 2 ग्राम अजवाइन का चूर्ण बासी पानी के साथ लेना चाहिएबच्चों को रात को सोने से पहले आधा ग्राम अजवाइन के चूर्ण में चुटकी भर काला नमक मिलाकर गुनगुने पाने से देना चाहिए इससे सारे कीड़े मरकर सुबह मल के साथ निकल जायेंगेवयस्क इससे दुगनी मात्रा में इसका प्रयोग करेंअजवाइन का चूर्ण मट्ठे के साथ लेने से भी लाभ मिलता हैटमाटर के साथ कालीमिर्च और सैंधा नमक मिलकर खाने से भी आराम मिलता हैनिम्बू के बीजो को पीसकर उसका चूर्ण 1 ग्राम बच्चों को और 3 ग्राम वयस्कों को गुनगुने पानी के साथ देने से आराम मिलता हैबच्चो को एक सेव फल रात को छिलके समेत खिलाना चाहिए..पर उसके बाद पानी नहीं पिलाना चाहिए ऐसा करने से एक सप्ताह में पेट के कीड़े नष्ट हो जाते है.. अनार का रस पीने से भी इस रोग में आराम मिलता है….

 This message is from Shri Nirmal Mahoto of Bokaro, Jharkhand …. He is advising about treatment for stomach worms … the problem of stomach worms (krimi) is generally found in children …generally loss of weight is observed alongwith worms are seen in stool ….. for treatment take half gram Ajwain with equal amount of Gur (Jaggery) three times daily … this is effective for 3~5 years children … children should be given 10 gms of Gur (Jaggery) in the morning so that the worms accumulate and then if given 1/2 gm Ajwain powder with water would result in the worms being excreted with stool … for adults the dosage is 50 gms of Gur and then 2gms of Ajwain (Carom Seeds) powder. Giving 1/2 gm Ajwain powder with a pinch of Rock Salt in warm water at night will also help in excreting the worms with stool … for adults the dosage is double that for children. Ajwain churn could also be taken with butter milk (matha) Tomato with black pepper and rock salt (saindha namak) also provides relief … crushed lemon seeds taken with warm water also gives relief – 1 gm for children and 3 gms for adults … For children one unpealed apple taken during bedtime for one week also helps in destroying the worms – however no water should be taken afterwards …. Anar (Pomegranate) juice is also helpful

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