दोहों के माध्यम से रोग उपचार की जानकारी

यह संदेश निर्मल कुमार अवस्थी का कस्तूरबा नगर वार्ड क्रमांक 4, बिलासपुर से है…उन्होंने रोगों के उपचार के बारे में बताने के लिए दोहों के रचना की है… वह दोहों के माध्यम से रोग के उपचार की जानकारी दे रहें है उनके दोहें इस प्रकार है:

आँखों लाली बसे और धुंधली हो यदि दृष्टी,
आलू का रस डालिए तो दिखने लगती सृष्टि
 
लेकर के शरणागत को छठे आंवला युक्त,
रोगी हो जाता तुरंत बवासीर से मुक्त
 
प्रातः उठ कर करें जो जन जलपान ,
वे निरोगी रहते सदा , रोगों से अनजान
 
प्रतिदिन हम खाते रहे मात्र एक ही सेव,
बढे हमारा स्वास्थ्य , हो अनुकूल सदैव
 
काढ़ा तुलसी -अडूसे का, कुछ दिन पिये श्रीमान,
सुखी खासी दूर हो, रोगी जाये जान
 
तम्बाकू मत खाइए लीजिये दवा का काम,
तेल निलामल हम बनायें , खुजली काम-तमाम
 
चेहरे में हल्दी सहित, मन चन्दन और दुग्ध,
आकर्षण नित्य प्रति बढे, होगी जन मन मुग्ध
 
दूध पपीता रात पी, केवल चम्मच एक,
कीड़ें निकलेंगे सुबह, यह सलाह है नेक
 
तुलसी पत्ते खाइए थोड़े गुड के संग,
कीड़ें मरें पेट के, हो जाये मन चंग
 
 प्रातः कार्तिक मास में, नित तुलसी जो खाए,
एक वर्ष तक रोग फिर उसको ढूंड न पाए
 
तुलसी रस के साथ में निगले गुड और सौंठ,
होगा दूर अजीर्ण थके न कहते ओंठ
 
तुलसी को शुभदा कहें सदा सयाने लोग,
नारी तुलसी खाए नित रहे प्रजनन अंग निरोग
 

निर्मल अवस्थी का संपर्क है: 09685441912

 

Share This:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *