गठियावात का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Arthritis

यह सन्देश चंद्रकांत शर्मा का मुंगेली, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में चंद्रकांतजी हमें गठियावात के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि निर्गुन्डी की पत्तियों का 10-40 मी.ली रस देने अथवा सेंकी हुई मेथी का चूर्ण कपडे से छानने के बाद 3-3 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम पानी से लेने से वात रोग में आराम मिलता है. यह मेथी वाला नुस्खा घुटनों के वात में भी उपयोगी है. सौंठ के 20-50 मी.ली. काढ़े में 5-10 मी.ली. अरंडी का तेल डालकर सोने से पहले लेना भी लाभदायक होता है. चंद्रकांत शर्मा का संपर्क है 9893327457

This is a message of vaidya Chandrakant Sharma from Mungeli, Chhatisgarh. In this message he is telling us traditional remedy of Arthritis. He says taking 10-40 ml juice of Five leaved chaste tree or taking 3-3 gms fine powder of roasted fenugreek after filtered by cotton cloth twice a day with water is useful. This can also be used in knee arthritis. Taking 20-50 ml decoction of dry ginger after adding 5-10 ml castor oil at bed time is also beneficial. Chandrakant Sharma @ 9893327457

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