कब्ज का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of constipation

यह सन्देश चंद्रकांत शर्मा का मुंगेली छत्तीसगढ़ से है. अपने इस संदेश में चंद्रकांतजी हमें कब्ज और उदर रोग के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि कब्ज होने की दशा में हर्रे का पांच तौला चूर्ण (50 ग्राम) और सौंठ का 2½ तौला चूर्ण (25 ग्राम) में आवश्यकता के अनुसार गुड़ मिलाकर इसकी चने के आकार की गोलियां बना लें. इन गोलियों को 3-6 गोली की मात्रा में रात को सोते समय लेने से कब्ज तो ठीक होती है साथ ही यह उपचार अन्य सामान्य उदररोगों में भी समान रूप से लाभदायक है.

This is a message of vaidya Chandrakant Sharma from dist. Mungeli, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional treatment of constipation & common stomach problems. He says  in case of constipation mix 50 gms Harad powder (Terminalia chebula), 25 gms dry Ginger powder & little Jaggery. After proper mixing make gram sized pills. Taking this pills in 3-6 pills quantity at bed time is useful in constipation & in common stomach related problems as well.

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