वर्षाकालीन बुखार और सर्दी-खाँसी का पारंपरिक घरेलू उपचार – Traditional home treatment of fever, cold & cough

यह सन्देश वैद्य हरीश चावड़ा का ग्राम गुंडरदेही जिला बालोद, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में हरीशजी हमें वर्षाकाल में होने वाले बुखार, सर्दी और खांसी के घरेलू उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि यदि सर्दी लगकर बुखार आ जाए तो कम से कम 2 गिलास गुनगुना पियें और चादर ओढ़कर सो जाएँ ऐसा करने से पसीना आकर बुखार उतर जाएगा अगर ज्याद सर्दी होने के कारण नाक से पानी आ रहा हो तो अजवाइन को भूनकर उसे रुमाल में बाँध के रखें और उसे थोड़ी-थोड़ी देर से सूंघते रहें इससे आराम मिलेगा और नाक बहनी बंद हो जाएगी. बार-बार खाँसी आने पर छोटी पीपर को घी के साथ सेंककर पीस लें और इसे थोड़े से गुड या शहद के साथ थोड़े-थोड़े अंतराल से चाटने से खाँसी में आराम मिलता है.

This is a message of vaidya Harish Chawda from village Gundardehi, dist. Balod, Chhatisgarh. In this message he is telling us traditional home tips to get rid of cold-cough & fever often caused in rainy season. He says in case of fever drink minimum 2 glass lukewarm water and rest a while. Due to sweating fever will decreasing gradually. In case of runny nose due to cold, put some roasted carom seed in the hanker chief. Inhaling this roasted seed in short intervals is useful in runny nose problem. In cough make ghee roasted Piper longum powder. Licking this powder with Honey or Jaggery in short intervals is useful.

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