डकार का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of belching

यह सन्देश वैद्य लोमेश कुमार बच का कोरबा छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में लोमेशजी हमें डकार को रोकने का पारंपरिक उपाय बता रहे है. इनका कहना है कि कई लोगो को बार-बार डकार आने की समस्या होती है. इस समस्या के उपचार के लिए 10 तोला सौंठ, 10 तोला विधारा, 3 तोला हरड, 4 तोला घी में भुनी हुई हींग, 1 तोला चित्रक और 1 तोला सैंधा नमक इन सभी को पीसकर किसी हवाबंद पात्र में रखे. इसे 3-4 ग्राम की मात्रा में नियमित सेवन करने से डकार आने की समस्या में राहत मिलती है.

This is a message of vaidya Lomesh Kumar Bach from Korba, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional method to get rid of belching problem. He says many people have frequent belching problem. For treatment grind 100 gms dry Ginger, 100 gms Vidhara also known as Elephant creeper, 30 gms Harad (Terminalia chebula), 40 gms ghee roasted Asafoetida, 10 gms Chitrak also known as  White leadwort & 10 gms Rock salt until fine powder is formed. Taking this powder daily in 3-4 gms quantity is very effective in belching problem. 

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