स्मरणशक्ति बढाने का पारंपरिक उपाय – Traditional method to increase memory

यह सन्देश रामप्रसाद निषाद का कोंडागांव, बस्तर, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामप्रसादजी हमें स्मृति भ्रम और कुंठित बुद्धि का पारंपरिक उपचार बता रहें है. इनका कहना है कि इस रोग से ग्रस्त रोगी की स्मरण शक्ति क्षीण हो जाती है और रोगी को किसी भी विषय का ज्ञान नहीं रहता है. इसके पारंपरिक उपचार के लिए मालकांगनी जिसे संस्कृत में ज्योतिष्मती के नाम से जाना जाता है के फलों के छिलके उतार कर उसका तेल निकालकर सुरक्षित रख लें. इस तेल की 1 से 5 बूंदे रोगी को बताशे में डालकर प्रतिदिन प्रातः खिलाएं ऐसा करने से लाभ होगा. इसमें मिर्च मसालेदार और गरिष्ठ भोजन और खटाई से बचना एवं सुपाच्य भोजन करना चाहिए विशेषकर विटामिन सी युक्त वस्तुओं का सेवन करना चाहिए.

Ramprasad Nishad from Kondagaon, Chhatisgarh, is giving tip for traditional remedy of memory loss. Extract oil from Malkangani (Black oil Plant) fruit after removing its skin. 1-5 drops of this oil soaked in Batasha (Sugar biscuit) taken early morning daily will prove beneficial. During the treatment oily, spicy & heavy meals should be avoided and preference should be given to healthy & vitamin C enriched food. 

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