स्मरणशक्ति बढ़ाने का पारंपरिक उपाय – Traditional way to increase Memory

यह सन्देश रामप्रसाद निषाद का कोंडागांव, बस्तर, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामप्रसादजी हमें स्मृति भ्रम और कुंठित बुद्धि का पारंपरिक उपचार बता रहें है. इनका कहना है कि इस रोग से ग्रस्त रोगी की स्मरण शक्ति क्षीण हो जाती है और रोगी को किसी भी विषय का ज्ञान नहीं रहता है. इसके उपचार के लिए बच और शक्कर का बराबर मात्रा में चूर्ण बनाकर रख लें. यह चूर्ण 3 ग्राम (एक चम्मच) की मात्रा में रोगी को सुबह पानी के साथ दें इससे 8-10 दिनों में आराम मिलना शुरू हो जायेगा. बच के टुकड़े को 10 -15 मिनटों तक चूसने से भी लाभ मिलता है. दालचीनी का 3 ग्राम चूर्ण प्रतिदिन प्रातः रोगी को पानी के साथ देने से भी लाभ मिलता है. इसमें मिर्च मसालेदार और गरिष्ट भोजन और खाती से बचना चाहिए. सुपाच्य भोजन करना चाहिए विशेषकर विटामिन सी युक्त वस्तुओं का सेवन करना चाहिए.

Ramprasad Nishad from Kondagaon, Chhatisgarh, is giving tip for traditional remedy of memory loss. Make fine powder of equal quantity of Bach (Sweet flag) and sugar. One teaspoon of this powder taken with water early morning is beneficial. One teaspoon  of Cinnamon powder taken daily with water is also useful. During the treatment oily, spicy & heavy meals should be avoided. Preference should be given to digestive & vitamin C enriched food.

Share This:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *