गठियावात का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Arthritis

मुंगेली जिला छत्तीसगढ़ के वैद्य चंद्रकांत शर्मा का कहना है कि गठियावात होने पर जोड़ो में दर्द और सूजन आती है और इसकी शुरुआत उँगलियों से होती है.  इसके उपचार के लिए पानी का अधिक सेवन करें और सिकाई करना भी लाभदायक है. सौंठ को अरंडी के तेल या घी के साथ लेने से अथवा  250 मी.ली. दूध में उतनी ही मात्रा में पानी मिलाकर उसमे 2 लहसुन की कलियाँ, 1 चम्मच सौंठ चूर्ण, 1 चम्मच हरड चूर्ण, दालचीनी और छोटी इलायची डालकर उबालें और उसे पियें. इस उपचार को शुरू करने से पहले 3 दिनों तक मूंग उबला पानी पियें उसके बाद 7 दिनों तक उबले हुए मूंग ही खाएं इसके बाद 15 दिनों तक उबलें हुए मूंग के साथ रोटी खाएं. इस पद्धति से उपचार करने से लाभ मिलेगा.

Vaid Chandrakant Sharma of Mungeli, Chhatisgarh is suggesting us traditional treatment of Arthritis. As per him in Arthritis causes pain & swelling in joints & It begins from fingers. For the treatment boil 250 ml Milk with same amount of water after adding 2 Garlic buds, 1 spoon dried Ginger powder, 1 spoon Harad (Terminalia chebula) powder, Cinnamon & Cardamom. Drinking this combination after filtration is useful. Taking Ginger powder with Castor oil or Ghee is also beneficial. Before starting this treatment first 3 days Kidney been boiled water should be taken afterwards 7 days eat on boiled Kidney been then after 15 days eat only  boiled Kidney been with chapaties. This treatment method will benefits in Arthritis.

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