बवासीर का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Piles

यह सन्देश वैद्य लोमेश कुमार बच का कोरबा, छत्तीसगढ़ से है. इस सन्देश में लोमेशजी हमें बवासीर यानि अर्शरोग का पारंपरिक उपचार बता रहे है. इनका कहना है की 20 ग्राम सूखे आंवले के चूर्ण को मिट्टी के पात्र में 250 जल में रात में भिगोकर रखें और दूसरे दिन प्रातः उसे मसलकर छान लें और उसमे 5 ग्राम आपमार्ग की जड़ का कपडे से छना चूर्ण और 50 ग्राम मिश्री मिलकर पिएं. इस प्रकार इसे नियमित करने से साधारण और मस्सेदार बवासीर में लाभ मिलता है.

As per vaid Lomesh kumar Bach of Korba, Chhatisgarh soak 20 gms dried Amla (Indian gooseberry) in any clay pot overnight in 250 ml water. In the morning mash the pot contents and after filtration add 5 gms cloth filtered Apamarg (Achyrnthes aspera) root powder & 50 gms Mishri. Taking this combination daily is very useful to get rid of Piles & Hemorrhoids.

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