आपका स्वास्थ्य आपके मोबाइल में : नीम के औषधीय गुण की कहानी-

कान से मवाद आता हो तो नीम की पत्ती को पीसकर सरसों के तेल में उबालकर जलाकर तेल को छानकर दिन में दो तीन बार डालने से मवाद आना बन्द हो जायेगा. चर्म रोगों में नीम की छाल को उबालकर उसका काढ़ा बनाकर नहाने से बहुत लाभदायक होता है| नीम की कुपले (कलसी ) 10 दिनों तक प्रतिदिन खाया जाए तो पेट में कीड़े की शिकायत नहीं होगी। एक बार एक बीमार व्यक्ति उत्तर भारत से दक्षिण की तरफ जा रहा था, वहा उसे ईमली बराबर खाने को मिल जाते थे, उस व्यक्ति से वैद्य ने कहा था कि जहां भी नीम का वृक्ष मिले वहा पर बैठकर आराम करना कम से कम 12 घन्टे तक, फिर चलना उसने वैसे ही किया जब वह घर पंहुचा तो पूरी तरह से स्वस्थ हो चुका था तो यह है नीम के औषधीय गुण की कहानी। सुनील कुमार@9308571702.

Download (11 downloads)

Share This:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *