कपास के पेड़ की उपयोगिता / Importance of Cotton Plant

यह संदेश श्री निर्मल कुमार अवस्थीजी का वार्ड क्रमांक 4, कस्तूरबा नगर, छत्तीसगढ़ से है…आज निर्मलजी हमें कपास के पेड़ की उपयोगिता को वर्णित कर रहे है…उनका कहना है की ईश्वर ने मानव को स्वास्थ्य रखने के लिए आलग -अलग प्रकार की वनस्पतियों की उत्त्पति की है…ईश्वर ने कुछ ऐसी वनस्पतियाँ बनाई है जिस पर पुष्प लगे बिना फल प्राप्त, तो कुछ ऐसी भी जिस पर पुष्प तो लगते है  पर फल नहीं आते है…पुष्पों में ऐसा प्रकृति प्रद्दत दिव्य गुण अन्तर्निहित रहता है जिसके यथा-विधि उपयोग से हम अपना जीवन सुखी बना सकते है…निर्मलजी, कपास के पुष्पों और बीजों के चिकित्सीय गुणों के विषय में बता रहे है…इस वनस्पति पर आधारित  नुस्खे विभिन्न प्रकार के चर्म-रोगों, विषैले जंतुओं के काटने, और गर्भाशय से संबंधित चिकित्सीय निदानों पर प्रमुखता से है.. यह मुत्रक, निष्कारक और कान की सभी प्रकार की तकलीफों को दूर करने वाले होते है…इसके बीज (बिनौले) दूध बनाने वाले होते है… कपास की जड़ को पीसकर चावल  के पानी के साथ पिलाने पर श्वेत प्रदर में लाभ होता है… इसके बिनौले की मींगी और सौंठ को जल के साथ पीसकर अंडकोष पर लगाने से अंडकोष वृद्धी रूकती है….कपास के पुष्प का शरबत पिलाने से पागलपन में लाभ होता है और चित्त प्रसन्न होता है….बिनौले को पानी में औटाकर उसके पानी से कुल्ले करने से दन्त पीड़ा कम होती है…कपास की जड़ का काढ़ा पिलाने से पेशाब करने में होने वाली जलन मिटती है और मुत्रदाह में लाभ होता है…इसके बिनौले की मींगी को पानी के साथ पीसकर जलने वाले स्थान पर लगाने से आग की जलन कम होती है…खुनी बवासीर में इसके केसर को शक्कर और मक्खन के साथ देने से लाभ होता है…. रक्त प्रदर और रक्तार्श में कमल का केसर, मुल्तानी मिट्टी और शक्कर मिलाकर फांकने से लाभ होता है…कमलडंडी और नागकेसर को पीसकर दूध के साथ पिलाने पर दूसरे महीने में होने वाला गर्भस्राव (गर्भपात) मिट जाता है… धातु रोग में कपास के बीजों की मींगी को पीसकर दूध के साथ पिलाने से लाभ होता है….श्री निर्मल अवस्थीजी का संपर्क है: 09685441912

 This message is recorded by Shri Nirmal Kumar Awasthi from ward No. 2, Kasturba Nagar , Chattisgarh …..In this message he is telling us about the medicinal properties of flowers & seeds of Cotton plant. Various parts of this plant can be used to cure different diseases….Remedy for Leucorrhoea is first grind Cotton plant add some rice water in it. This can be used as a tonic for Leucorrhoea patients. Boil cotton seed in water & this water can me used as mouthwash to strengthen teeth & gums…Squash of flowers of Cotton plant can useful in madness..For more information Nirmal Awasthi is at 09685441912

 

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