हकलाने / तुतलाने की चिकित्सा / Treatment of Stammering & Lisping

यह सन्देश निर्मल महतोजी का बोकारो झारखण्ड से हैअपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें बच्चों की बीमारियों के इलाज के विषय में बता रहे हैं….बचपन में अक्सर बच्चे हकलाना, तुतलाना जैंसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं….इनका कहना है की फूला हुआ सुहागा शहद में मिला कर जीभ पर रगड़ने से हकलाना कम हो जाता हैदूसरा इलाज बच्चा एक ताजा हरा आंवला कुछ दिन चबाये तो उसका तुतलाना बंद हो जाता हैतीसरा इलाज यदि बच्चा मुहँ में दो काली मिर्च रखकर चबाएं और चूसें यह प्रयोग दिन में दो बार लम्बे समय तक करें…..चौथा इलाज तेजपत्ता को जीभ के नीचे रखने से रुक रुक कर बोलना और हकलाना बंद हो जाता हैनिर्मल महतो का संपर्क है 09204332389

 This message is recorded by Shri Nirmal Mahto from Bokaro, Jharkhand. In this message he is advising about the treatment of stammering (Haklanaa). To cure stammering he suggests four remedies. First is to rub puffed Borax (Suhaga) & some honey on tongue this can reduce stammering. In second treatment affected child chew fresh green Indian gooseberry (Amla) regularly for few days, it is effective to reduce Lisping. Third one is if affected child can chew 2 Black pepper twice a day regularly it can be useful. Nirmalji’s at is 09204332389…

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