अर्श – बवासीर का पारंपरिक उपचार / Traditional remedy for Hemorrhoid & Piles

यह सन्देश लोमेश कुमार बच का पाली, कोरबा, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में लोमेशजी हमें बवासीर के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि अर्श मुख्यतः 2 प्रकार का होता है. पहले प्रकार में गुदा द्वार के किनारों पर मस्से हो जाते है और उनसे खून गिरता है इसे खूनी बवासीर कहते है. दूसरे प्रकार के अर्श में मस्से तो नहीं होते है पर पेट में कड़ापन आ जाता है उसे बादी बवासीर कहते है. इनका कहना है की बवासीर में कुछ औषधियां अधिक कारगर होती है. काले तिल, नागकेसर और मिश्री को पीसकर मक्खन में मिलाकर खाने से लाभ मिलता है. कोमल बबूल की फल्लियों जिसमे बीज नहीं बने हो को सूखाकर उसका चूर्ण बना लें इस चूर्ण की 6 ग्राम मात्रा को प्रतिदिन ताजे पानी के साथ लगातार 15 दिनों तक लेने से सभी प्रकार के बवासीर में लाभ मिलता है. सेमल के दूध में हल्दी का चूर्ण मिलाकर उसकी एक बूंद मस्से पर लगाने से मस्सा नष्ट हो जाता है. डिकामाली गोंद के 2-3 ग्राम चूर्ण में 1 ग्राम सैंधा नमक मिलाकर शाम को एक बार लगातार एक सप्ताह तक खाने से आराम मिलता है. मालकांगनी के जड़ को पानी के साथ घिसकर मस्सों पर लगाने से खूनी बवासीर में लाभ होता है. 1 तोला देशी मिश्री, 1 तोला जिमीकंद का चूर्ण, 1 तोला नागकेसर का चूर्ण और चिरमिटी चूर्ण आधा तोला इन सबको पीसकर खाने से बवासीर में लाभ मिलता है.

This is a message of Lomesh Kumar Bach from Pali, Korba, Chhatisgarh. In this message he is telling us traditional remedy for Piles. He says piles are mainly of two types in first type warts grows on the edges of anus & In second type stomach leads to stiffness but hemorrhoid is more painful. Traditional remedies are more effective for curing piles. Taking black Sesame, Nagkesar (Mesua ferrea) & sugar candy with butter is useful. Grind seedless soft beans of Acacia after drying. Taking this 6 grams powder with water for continuously 15 days is beneficial in Piles. Applying seed cotton milk after adding a pinch of turmeric powder on warts is useful to get rid of warts. Taking 2-3 grams resin powder of Cambi Resin tree after adding 1 gram rock salt at evening for week is useful. Rub Malkangni (Celastrus paniculata) root with water until paste is formed. Applying this paste on warts is very effective.

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