नपुंसकता और शीघ्रपतन का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Impotency & Premature Ejaculation

यह सन्देश रामफल पटेल का नया बस स्टैंड, पाली कोरबा छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामफलजी हमें नपुंसकता और शीघ्रपतन के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि नपुंसकता और शीघ्रपतन की समस्या होने पर 100 ग्राम कौंच बीज को रातभर गाय के शुद्ध दूध में डुबोकर रखें और प्रातः उसका छिलका उतारकर धूप में सुखा लें. इस क्रिया को 9 दिनों तक दोहराएँ यानि प्रतिरात्रि इन बीजों को गाय के दूध में डूबाएँ और प्रातः इन बीजों को सुखाकर इनका चूर्ण बना लें. फिर इस चूर्ण को गाय के शुद्ध घी भूनकर रख लें. इसे रात्रि में सोने से पहले दूध के साथ मिश्री और एक चम्मच सौंठ के चूर्ण के साथ लें. इससे नपुंसकता और शीघ्रपतन में लाभ मिलेगा. रामफल पटेल का संपर्क है 8815113134

This is a message of Ramfal Patel from New Bustand, Pali, Korba, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional remedy for Impotency & Premature ejaculation. He says soak 100 gram Velvet beans well known as Kaunch or Kimach in Hindi in cow milk overnight. In morning after removing outer seed skin dried it in sunlight. Repeat this procedure consistently for 9 days. Hereafter, make fine powder of this treated seeds & roast it using pure ghee. At bedtime take this roasted powder with milk after adding sugar candy & dry ginger powder. This is useful in Impotency & Premature ejaculation. Ramfal Patel’s at 8815113134

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