केले की औषधीय उपयोगिता / Medicinal properties of Banana

यह सन्देश दीपक आचार्य का अभूमका हर्बल्स, अहमदाबाद से है अपने इस सन्देश में दीपकजी हमें केले के पारंपरिक औषधीय गुणों के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि केले के औषधीय गुणों को कम लोग जानते है. केला चाहे कच्चा हो या पका हुआ इन दोनों की अपनी औषधीय उपयोगिता है. यही नहीं केले के फूल भी गुणकारी होते है. ताजा कच्चा केला दस्तरोधी  होता है इसमें ऐसे स्टार्च पाए जाते है जिनमे दस्त रोकने के गुण होते है. बंगलादेश के देहाती क्षेत्रों में  में आज भी नवजात शिशुओं को दस्त होने पर कच्चे केले को पीसकर चटाते है. ऐसा माना जाता है कि केले का छीलका प्रोस्टेट ग्रंथि की वृद्धि को रोकने में मददगार होता है. केले के छिलके को सुखाकर पीस लिया जाये और इस चूर्ण का आधा चम्मच की मात्र में सेवन किया जाये तो यह प्रोस्टेट ग्रंथि की वृद्धि को रोकने में मदद करता है. केले के तने का रस पथरी में कारगर होता है. एक शोध के अनुसार केले के तने का रस गुर्दे  की पथरी को तोड़कर उसे मूत्र मार्ग से बाहर निकाल देता है. केले की जड़ और कच्चे केले में मधुमेह को नियंत्रित करने के के गुण होते है. आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के वैज्ञानिकों के केले के पौधे के इन हिस्सों को मधुमेह को नियंत्रित करने वाली औषधि ग्लिबेनक्लेमाइड के समरूप पाया है. दीपक आचार्य का संपर्क है 9824050784

This is a message of Deepak Acharya from Abhumka Herbals, Ahmedabad. In this message he is traditional medicinal properties of Banana. Raw & ripen bananas both have medicinal properties & banana flowers are also equally beneficial as well. Fresh raw banana has antidiarrheal properties. In rural areas of Bangladesh people are using raw banana for diarrheal treatment of infants. Powder of dried banana skin is helpful for controlling the growth of prostate gland. Banana stem juice is effective in Kidney stone. Raw banana & banana root has diabetes controlling properties. Deepak Acharya’s at 9824050784

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