स्वास्थ्य स्वर: बवासीर का घरेलू उपचार…

वैद्य अमित साहू, भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से आज हम सभी को बवासीर रोग का एक घरेलू उपचार बता रहे है, बवासीर एक आम बीमारी है जो घर घर में पाई जाती है और लोग उससे बहुत परेशान रहते हैं: उपचार:अपा मार्ग(चिरचिट्टा) का बीज चूर्ण (जो आसानी से गाँव के खेत में मिल जाता है ) को 3 से 7 ग्राम महीन पीस ले, उसको चावल के धोवन से मिला कर रोगी अगर कम उम्र का है तो उसे 3 ग्राम और ज्यादा उम्र का है तो उसे 7 ग्राम सुबह शाम देना चाहिए, खूनी बवासीर का बीमारी में जो ब्लड आता है उसको धीरे-धीरे एक सप्ताह के अंदर में जड़ से सहित साफ हो जाता है | अधिक जानकारी के वैद्य जी का सम्पर्क नम्बर@8964931287

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स्वास्थ्य स्वर: मलेरिया से बचने के उपाय

डा अनिल रिजवी, कोरबा (छत्तीसगढ़) से मलेरिया से बचाव का घरेलू उपाय बता रहे है: नीम की पत्ती, डनठल और छाल या नीम का कोई भी अंग हो उसको सुखा कर चूर्ण बना ले उसमे से 100 ग्राम चूर्ण ले लोबान 100 ग्राम निचोड़ कर मिला ले और 25 ग्राम हल्दी का पाउडर मिला ले ये तीनो को मिलाकर रख ले शाम को जब सूरज डूबने को हो तब लकड़ी या कोयला में आग जलाकर अंगार बना ले और चूर्ण को अंगार में डालकर घर के कोने-कोने में धुआं दे जिसे मच्छर बाहर निकल जाता है जिससे वातावरण शुद्ध होता है और मच्छर मर जाते है | ग्रामीण लोग चौक चौराहों में भी धुंआ कर सकते है जिससे मच्छर मर जायेगें और पूरे ग्रामीण लोग मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों से बच सकते हैं | सम्पर्क@9826921687

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स्वास्थ्य स्वर : दस्त का घरेलू उपचार –

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच. डी. गांधी दस्त का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि दस्त होने की स्थिति में सौंफ 50 ग्राम, जीरा 50 ग्राम, बेल का गूदा 50 ग्राम, सेंधा नमक 10 ग्राम ले, उसके बाद सौंफ और जीरा को अलग-अलग भूनकर चूर्ण बना लें, बेल के गूदा का भी चूर्ण बना लें और अंत में सभी को सेंधा नमक के साथ मिलाकर रख लें, उसके बाद दस्त पीड़ित व्यक्ति दिन में दो बार खाने के बाद मठा या पानी के साथ सेवन करें इससे लाभ हो सकता है, दाल चावल की खिचड़ी का सेवन करें, तेल खटाई गरिष्ठ भोजन का प्रयोग कम करें, नशा न करें, अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@91110613099.

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स्वास्थ्य स्वर : फिटकरी से गले के खरास और टांसिल का घरेलू उपचार-

भोरमदेव वनांचल, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य अमित साहू फिटकरी के प्रयोग से मुंह के छाले, गले की टांसिल और खरास आदि का घरेलू उपचार बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि जो साथी ऐसी समस्या से परेशान है, वे फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा लेकर दो दिन चूसे इससे आराम मिल सकता है, भोजन में तेल, मसाला, खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग न करें, अधिक खरास हो तो गर्म पानी के साथ में नमक मिलाकर गरारा करें, ठण्डी चीजो का सेवन न करें, अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं, वे कह रहे हैं कि हमारे आसपास ऐसी अनेक चीज़ें और वनस्पतियां हैं जिनके बारे में जानकार और उनके उपयोग से हम बगैर दवा के स्वस्थ रह सकते हैं : अमित साहू@8964931287.

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स्वास्थ्य स्वर: श्वेत प्रदर का घरेलू उपचार-

सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी आज हमें श्वेत प्रदर की बीमारी का एक आयुर्वेदिक उपचार बता रहे है, जो बहुत सी महिलाओं को अक्सर परेशान करता है. वे सुझा रहे हैं कि अर्जुन की छाल (कहुवा) और सतावर जिसे शहस मूल भी कहते है दोनों को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख ले और एक चम्मच चूर्ण दूध के साथ सुबह शाम दोपहर ले. इसको 1-2 माह तक ले सकते है, गरिष्ट भोजन के बाद सुबह शाम बराबर जल मिलाकर ले. इसको प्रयोग करने से मरीज को आराम मिलता है यह लोग अपने घर में आसानी से करके कम खर्च से पैसे बचाकर बीमारी से भी निजाद पा सकते है | अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क रमाकांत सोनी@9589906028.

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स्वास्थ्य स्वर : हरण और गौ मूत्र से पीलिया बीमारी का घरेलू उपचार-

सेतगंगा, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य रमाकांत सोनी आज हमें पीलिया बीमारी जिसे जॉन्डिस भी कहते हैं उसका एक सहज घरेलू उपचार बता रहे हैं, वे कह रहे हैं कि बरसात के दिनों में अक्सर घर घर में पीलिया का प्रकोप देखने को मिलता है, जो इस समस्या से जूझ रहे हैं, वे हरण जिसे हर्रा के नाम से भी जाना जाता है, को गौ मूत्र में सात दिन तक भिगोकर रखें, उसके बाद सुखाकर उसका बारीक पाउडर बना लें और आधा-आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम गर्म पानी के साथ सेवन करें, खाने में हरी सब्जियों का प्रयोग करें, इससे पीलिया बीमारी में लाभ हो सकता है : अधिक जानकारी के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं: वैद्य रमाकांत सोनी@9589906028.

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स्वास्थ्य स्वर : भुईनीम से मलेरिया बीमारी का घरेलू उपचार-

ग्राम पंचायत-लंजोडा, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से वैद्य रविन्द्र ठाकुर आज हम लोगो को मलेरिया का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, वे सीजीनेट के पतराज मरकाम को बता रहे हैं कि भुईनीम यह ज्यादातर जंगलों में पाया जाता है यह गांव में अक्सर नहीं पाया जाता | इसको रात में पानी से भिगोकर रखें, और सुबह अच्छी तरह निचोड़ के छानकर रस मरीज को पिलाने से मलेरिया जैसे बीमारी खत्म हो जाता है | वे लगभग 15-20 सालो से मलेरिया का यह आयुर्वेद सम्मत उपचार करते आ रहे हैं यह औषधि हमारे प्रकृति आवरण में ही मिलता है जिसका निशुल्क उपचार कर सकते है और अधिक खर्च से भी बच सकते हैं| इस बारे में अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क@8103001127.

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स्वास्थ्य स्वर : कुष्ठ बीमारी का घरेलू उपचार-

जिला-कोरबा (छत्तीसगढ़) से डॉ.आमीन रिजवी गलित कुष्ट का घरेलू उपचार बता रहे है, गलित कुष्ट इसे कोढ़ रोग के नाम से भी जाना जाता है, जिसमे शरीर की उंगलिया नाक का सिरा, शरीर का अग्र भाग गलने लगता है, यह इस बीमारी का आख़िरी स्तर है, ऐसे रोगियों को समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है, सरकार द्वारा उनके रहने के लिए अलग से कालोनियां भी बनाई है, ऐसी समस्या से पीड़ित लोगो के लिए आंक का पौधा जिसे मदार, अकवन, अकड़ा के नाम से भी जाना जाता है, ये दो जाति का होता है एक सामन्य होता है जो कही भी मिल सकता है, दूसरा सफेद होता है जो सभी जगह नही मिल पाता, इसमें से जो भी उपलब्ध हो उसे उखाड़कर जड़ को काटकर सुखा लेना है, सूखने के बाद जड़ के छाल को अलग कर, पाउडर बनाकर छोटी-छोटी पुडिया बनाकर रख लें, और एक चम्मच देशी घी के सांथ सुबह-शाम खाने के बाद रोगी को चटाना है, इससे कुष्ट के कीड़े मल के सांथ बाहर निकल जाएंगे, इससे लाभ हो सकता है : आमीन रिजवी@9131235332.

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स्वास्थ्य स्वर: स्वप्नदोष और कमजोरी को दूर करने का घरेलू नुस्खा-

ग्राम-रहंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा स्वप्न दोष को दूर करने का घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, जो व्यक्ति इस तरह की समस्या से पीड़ित हो, वे सतावर, दाल मखाना, कोंच के बीज, गिलोय का सत, सफेद मुसली, गोखुरू चीनी को बराबर मिलाकर चूर्ण बना लें, और दो ग्राम चूर्ण पानी के सांथ प्रतिदिन सुबह शाम सेवन करें, इससे स्वप्न दोष में आराम मिल सकता है और कमजोरी भी दूर हो सकती है अधिक जानकारी कर लिए दिए गए नंबरो पर संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9893327457.

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स्वास्थ्य स्वर : पेट संबंधी समस्या दर्द, मरोड़, गैस का घरेलू उपचार-

ग्राम-घोंघा, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़) से वैद्य भगतराम लांजित आज हम सभी को तुलसी के पत्ते से पेट संबंधी समस्या जैसे दर्द, मरोड़, गैस आदि का एक घरेलू उपचार बता रहे हैं, तुलसी तीन प्रकार का होता है, काली तुलसी, भूरी तुलसी और हरी तुलसी | जिन व्यक्तियों के पेट में मरोड़, गैस या दर्द हो रहा हो, काली तुलसी के पत्ते का एक चम्मच रस और अदरक का एक चम्मच रस दोनो को मिश्री या शक्कर के सांथ मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करें, उसके बाद पानी पी लें, इससे पेट की समस्या में लाभ मिल सकता है, इस तरह से हमारे आसपास की वनस्पतियों से हम स्वस्थ रह सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं : भगतराम लांजित@7389964276

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