Tag Archives: इन्द्रजव / Holarrhena pubescens

पथरी का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Kidney stone

यह सन्देश वैद्य हरीश चावड़ा का गुंडरदेही, जिला बालोद, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में वह हमें पथरी रोग के उपचार के पारंपरिक नुस्खे बता रहे है. इनका कहना है कि पथरी चाहे पित्ताशय में हो या मूत्रनलिका में दोनों ही प्रकार की पथरी बड़ी पीड़ादायक होती है. इसके उपचार के लिए 100 ग्राम निशोथ और 100 इन्द्रजों को महीन पीसकर उसका चूर्ण बना ले. इस चूर्ण को 5-10 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम 10 से 15 दिनों तक लगातार लेने से पथरी में लाभ होता है. 25 ग्राम जवाखार, 25 ग्राम कच्चा सुहागा और 200 ग्राम बड़ा गोखरू को बारीक पीसकर चूर्ण बना ले. इसे 5 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन लगातार 8-10 दिनों तक लेने से पथरी के गलने में मदद मिलती है.

This is a message of Harish Chawda from Gundardehi, Dist. Balod, Chhatisgarh. In this message he is suggesting some traditional tips for getting relief in stone problems. He says whether stone of gall bladder or urinary tract both is painful. For treatment grind 100 gms Nishoth (Indian jalap) & 100 gms  Indrajav (Holarrhena pubescens) to make power. Taking this powder in 5-10 gms quantity twice a day for 10-15 days is useful. Grind 25 gms Javakhar (Easily available in the market) 25 gms raw borax & 200 gms Gokhru (Tribulus terrestris). Taking this powder in 5 gms quantity daily for continuously 8-10 days is useful to increasing possibility of removing urinary track stone while urination.  

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सामान्य ज्वर का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Common fever

यह सन्देश चन्द्रकान्त शर्मा का जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में चंद्रकांतजी हमें साधारण बुखार के उपचार के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि बुखार होने पर कुटकी, चिरायता और इन्द्रजव  की 2-5 ग्राम मात्रा को 100-400 मी.ली पानी में उबालें. इसके 10-50 मी.ली बचने पर इसे पीने से बुखार में लाभ मिलता है. बुखार होने की दशा में करेले की सब्जी का सेवन भी लाभदायक है. सौंठ, तुलसी, गुड और कालीमिर्च का 50 मी.ली काढ़ा बनाकर उसमे ½ या 1 नीबू का रस मिलाकर पीने से भी साधारण बुखार में लाभ मिलता है. चंद्रकांत शर्मा का संपर्क है 9893327457

This is a message of Chandrakant Sharma from Mungeli, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional treatment of common fever. He says in common fever boil Kutki (Picrorhiza kurroa), Chirayita (Swertia chirayita) & Indrajav (Holarrhena pubescens) 2-5 gram each in quantity until 10-50 ml water remains. Drinking this decoction in common fever is useful. Bitter gourd vegetable is also useful in common fever. Make decoction of dry ginger, basil leaves, jaggery & black peeper. Drinking this decoction after adding  ½  to 1 lemon juice is beneficial in common fever. Chandrakant Sharma is @ 9893327457

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