Tag Archives: खैर / Catechu

अम्लपित्त का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Hyper acidity

स्वास्थ्य स्वर से वैद्य एच डी गाँधी आज अम्लपित्त के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहें है. इसके उपचार के लिए गिलोय, चित्रक, नीम की छाल, खैर का चूर्ण और इन सभी घटकों को 100 ग्राम की मात्रा में लेकर इनका चूर्ण बनाकर इस चूर्ण को 20 ग्राम की मात्रा में 400 मी.ली पानी में घोलकर उबालें. जब पानी 100 मी.ली शेष बचे तब इस काढ़े का मरीज को सुबह-शाम सेवन कराने से लाभ मिलता है.

Vaid H D Gandhi from Swasthya Swara is telling us traditional remedy for Hyper acidity also known as Amalapitta. Suggested shadow dried ingredients is Giloy (Tinospora cordifolia), Chitrak (White leadwort),  Neem bark,  Khair (Catechu) & Parwal (Also known as pointed gourd in English) all in 100 gms in quantity. Grind them all to make fine powder & boil this 20 gms powder in 400 ml water until water remains 100 ml. Giving this decoction to the patient twice a day is beneficial in Hyper acidity. Swasthya Swara @ 8602008999

  

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कृमि रोग का उपचार / Treatment of Helminthiasis

यह संदेश श्री रामफल पटेल का प्रज्ञा संजीवनी, पाली, जिला कोरबा छत्तीसगढ़ से है… इस संदेश में वह कृमि रोग के उपचार के लिए उपयोगी कुछ नुस्खे बता रहे है..वह इस प्रकार है…

पहला नुस्खा: पीपरामूल का चूर्ण बकरी की दूध के साथ में पीने से कृमि नष्ट होते है…

दूसरा नुस्खा: बासी पानी में 6 ग्राम खुरासानी अजवायन पीसकर उसमे 10 ग्राम पुराना गुड मिला ले, इसे लेने से कृमि नष्ट हो जाते है…

तीसरा नुस्खा: नीम के पत्तों का रस शहद के साथ लेने से कृमि नष्ट हो जाते है…

चौथा नुस्खा: पलाश के पत्तों के रस शहद के साथ लेने से कृमि नष्ट होते है…

पांचवा नुस्खा: सौंठ, कालीमिर्च, पीपरामूल , हरड, बहेड़ा, भटकटैया, नीम की छाल, रिसोद (रसना), बच और खैर का सार इन सब को मिलाकर काढ़ा बना लें… और इसे गोमूत्र में मिलाकर कम से कम 11 दिनों तक पिलाने से कृमि रोग में लाभ मिलता है….

श्री रामफल पटेलजी का संपर्क है: 8815113134

This is a message from Shri. Ramfal Patel from Pragnya Sanjeevani, Pali, Dist. Korba, Chhatisgarh. In this message Ramfalji describing us remedies for intestinal helminths as follows:

First: Combination of Long pepper & Goat milk can destroy stomach worms.

Second: Taking of  Khurasani Ajwain (Hyoscyamus Niger) 6 gms with stale water along with 10 gms  Gud (Jaggery) can  eradicate stomach worms.

Third: Taking  juice of Neem (Azadirachta indica) leaves with Honey can destroy stomach worms.

Forth: Taking juice of Palash (Butea monosperma) leaves with Honey can also destroy stomach worms.

Fifth: Mix & grind Ginger, Black pepper, Long pepper, Harad (Terminalia chebula), Baheda (Terminalia Belerica), Bark of Neem (Azadirachta indica), Bhatkattiya (Solanum virginianum), Bach (Acorus calamus), Khier (Catechu) &  Resada and pour some water and boil until syrup is formed. By taking this syrup with cow urine is beneficial for removing stomach worm.

You can reached Ramfalji on 8815113134

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