Tag Archives: गाजर / Carrot

प्याज के औषधीय गुण / Medicinal properties of Onion

यह सन्देश चंद्रकांत शर्मा का मुंगेली, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में चंद्रकांतजी हमें प्याज के पारंपरिक औषधीय गुणों के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि कई लोग प्याज को इसकी दुर्गन्ध के कारण नहीं खाते है पर प्याज में शरीर को स्वस्थ बनाये रखने के गुण है. इसे नियमित खाने से पाचन शक्ति बेहतर रहती है. प्याज शरीर के कीटाणुओं का नाश तो करता ही है साथ में प्याज का प्रयोग सर्दी-जुकाम और भूख नहीं लगने की समस्या में काफी लाभदायक है. प्याज में लौह तत्व अधिक मात्रा में होने के कारण यह रक्ताल्पता में उपयोगी है. रात्रि भोजन के साथ प्याज खाने से यह अनिद्रा को दूर करता है. प्याज का रस, गाजर का रस, घी और अंडा इन सभी को समभाग लेकर इसे गर्म करके प्रातः काल इसे पीने से यह शरीर के वजन में वृद्धि होती है. सफ़ेद प्याज का रस आँखों में डालने से वृद्धावस्था में होने वाले मोतियाबिंद में लाभ मिलता है. वृद्धावस्था में प्याज खाते रहने से मांसपेशियों की कठोरता और जोड़ो की सूजन के होने की गति कम हो जाती है. चंद्रकांत शर्मा का संपर्क है 9893327457

This is a message of Chandrakant Sharma, Mungeli, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us medicinal uses of Onion. He says many people do not eat Onion due to its unpleasant odor but onion has properties to keep body healthy. Onion is useful to save us from germs & it is also useful to increase apatite as well. Onion is enriched in iron, so it is beneficial for Anemic. Consuming Onion at dinner is helping to overcome insomnia. Drinking lukewarm Onion juice, Carrot juice, Ghee & Egg in equal ratio early morning is helping to reduce body weight. Pouring white onion juice into eyes is beneficial in cataract. Regular consumption of Onion can decreasing rate of muscle stiffness & inflammation. Chandrakant Sharma’s at 9893327457

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गाजर के आदिवासी औषधीय उपयोग / Traditional medicinal uses of Carrot.

यह संदेश दीपक आचार्य का अभूमका हर्बल्स, अहमदाबाद से है. अपने इस संदेश में दीपकजी हमें गाजर के पारंपरिक औषधीय गुणों के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि गाजर एक चिरपरिचित सब्जी अनेक व्यंजनों को बनाने में इस्तेमाल की जाती है. गाजर में कई प्रकार के विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस और कैल्शियम के अलावा कैरोटिन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. गाजर के सेवन से शरीर मुलायम और सुंदर बना रहता है. छोटे बच्चों को गाजर का रस पिलाने से उनके दांत आसनी से निकलते है और दूध भी आसानी से पच जाता है. जिनके पेट में गैस बनने की शिकायत हो उन्हें गाजर का रस या गाजर को उबालकर उसका पानी पीना चाहिए. आदिवासी मान्यता के अनुसार यह गाजर के रस की 4-5 बुँदे नाक के दोनों छिद्रों में डालने से हिचकी आनी बंद हो जाती है. गाजर को पीसकर उसे सूंघने से भी हिचकी में लाभ मिलता है. पातालकोट के हर्बल जानकारों के अनुसार गाजर का रस शहद के साथ लेने से नपुंसकता दूर होती है. गुजरात के डांग आदिवासी महिलाओं में मासिक धर्म की परेशानियों में गाजर के बीजों का रस पीने की सलाह देते है. दीपक आचार्य का संपर्क है  9824050784

This is a message of Deepak Acharya from Abhumka Herbals,, Ahmedabad. In this message he is telling us traditional medicinal uses of Carrot. He says Carrot is used for preparing many delicacies. It is enriched in many vitamins, carbohydrates, phosphorus & calcium. Apart from this it is a good source of beta carotene. Consumption of Carrot is useful to keep our body soft & beautiful. Giving Carrot juice to small children is beneficial for good growth of teethes & helping in digestion of milk as well. As per tribal belief putting 4-5 drops of Carrot juice in both nostrils can stops Hiccups. As per herbal experts of Patalkot taking Carrot juice with Honey is beneficial in impotence. As per Daang tribes of Gujrat giving Carrot seed juice is useful in mensuration related problems. Deepak Acharya’s at  9824050784

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रसपान से रोग उपचार

यह संदेश लोमेश कुमार बच का लिमरू वन औषधालय, जिला कोरबा, छतीसगढ़ से है…इस संदेश में वह विभिन्न रोगों का फलों-सब्जियों के रस से उपचार के बारे में बता रहे है… कौन से रोगों में कैसा रसोपचार किया जाये निम्नलिखित है:

गठियावात: अनन्नास, नीबू, खीरा, गाजर, पालक, चुकंदर का रस उपयोगी है.

मधुमेह: गाजर, संतरा, पालक, मुसम्बी, अन्नानास, नीबू, का रस उपयोगी है.

उच्च रक्तचाप: संतरा, अंगूर, गाजर चुकंदर, खीरा का रस उपयोगी है.

सर्दी-जुकाम: नीबू, संतरा, अनन्नास, गाजर, प्याज, पालक का रस उपयोगी है.

आँखों के लिए: टमाटर, गाजर, पालक, खुबानी का रस उपयोगी है.

मोटापे के लिए: नीबू, संतरा, अनन्नास, टमाटर, पपीता, चुकंदर, गाजर, पालक, पत्तागोभी का रस उपयोगी है.

अल्सर के लिए: गाजर, पत्तागोभी, अंगूर, खुबानी का रस उपयोगी है.

टांसिल के लिए: नीबू, संतरा, अनन्नास, गाजर, पालक, मूली, खुबानी का रस उपयोगी है.

सिरदर्द: अंगूर, नीबू, गाजर, पालक का रस उपयोगी है.

अनिद्रा: सेव, गाजर, अंगूर, नीबू कर रस उपयोगी है.

रक्ताल्पता: गाजर, पालक, काले अंगूर, चुकंदर, खुबानी का रस उपयोगी है.

कब्ज: अंगूर, गाजर, चुकंदर, पपीता का रस उपयोगी है.

बुखार: संतरा, नीबू, मुसम्बी, गाजर, अनन्नास, प्याज, पालक, खुबानी का रस उपयोगी है.

पीलिया: गन्ना, नीबू, गाजर, अंगूर, चुकंदर, खीर, मुली, पालक, नाशपाती का रस उपयोगी है.

लोमेश कुमार बच का संपर्क है: 9753705914

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