Tag Archives: गेहूं / Wheat

गठियावात के उपचार लिए पारंपरिक मिठाई – Traditional sweet for Arthritis

यह सन्देश वैद्य एच डी गाँधी का तामिया, छिंदवाडा, मध्यप्रदेश से है. अपने इस सन्देश में वह वहाँ के वैद्य मोहम्मद लतीफ़ खान से गठियावात के उपचार के सम्बन्ध में जानकारी ले रहे है. लतीफ़ खानजी का कहना है कि गठियावात होने की स्थिति में  1 किलो गेंहू के आटे में  25 ग्राम बड़ी पीपर, 25 ग्राम छोटी पीपर, 50 ग्राम असगंध मिलाकर इसे ग्वारपाठे के गुदे से गुंथे इसके बाद काजू, किशमिश, बादाम, अखरोड़ और पिस्ता सभी को 100 ग्राम की मात्रा में लेकर उसके छोटे टुकड़े काटकर इसे 250 मी.ली घी में हल्का भूनकर उसमे उस गुंथे हुए आटे और 1 किलो पुराना गुड मिलाकर लगभग 60-60 ग्राम के लड्डू बना लें. 21 दिनों तक प्रतिदिन इन 1-1 लड्डू को सुबह-शाम खाली पेट खाकर 250 ग्राम दूध दूध पीने से गठियावात में आराम मिलता है.

Vaidya Mohd. Lateef Khan is telling how to prepare traditional sweet useful in Arthrits to Dr. H D Gandhi of Swasthya Swara. As per him add small & big Peepar (Piper longam) 25 each, 50 gms Asgangh also known as Ashwagandha (Withania somnifera) to 1 Kg wheat flour & after adding Aloe vera pulp mix all together to make hard dough. Afterwards light roast 100 gms each pieces of Cashew, Walnut, Almond, Raisins (Dried grapes) & Pistachios in 250 ml Ghee. Thereafter adding prepared dough and 1 kg old Jaggery make lemon sized balls (Laddu) of 60 gms. Taking  1 Laddu empty stomach twice a day with 250 ml milk for 21 days is beneficial in Arthritis.

 

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कमरदर्द का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Lower joint pain

यह सन्देश निर्मल महतो का नवाडी, बोकारो, झारखण्ड से है. अपने इस सन्देश में निर्मलजी हमें कमरदर्द का पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहें है. इनका कहना है कि कमरदर्द होने की स्थिति में तली हुए वस्तुएं और चावल का सेवन न करें. पानी को उबालकर ठंडा करके पियें. रात को 60~70 ग्राम गेहूँ को साफ़ करके पानी में भीगा दें और सुबह इन भीगे हुए गेहूँ को 30 ग्राम खसखस और 30 ग्राम सूखी धनियाँ के बीजों के साथ पीस लें. जिससे यह चटनी की भांति हो जाएगी. इसे आधा लीटर दूध में डाल कर उबालें. इस प्रकार बनी खीर का 2 सप्ताह तक नियमित सेवन करने से कमरदर्द में असाधारण लाभ मिलता है. एक जायफल को पानी में घीसकर तिल के तेल में पकाएं. इस तेल से मालिश करने से भी कमरदर्द में लाभ मिलता है. एक चम्मच अदरक के रस का आधे चम्मच शहद के साथ दिन में तीन बार सेवन करें. इससे भी कमरदर्द में आराम मिलेगा. निर्मल महतो का संपर्क है 9204332389

This is a message of Nirmal Mahto from Nawadi, Bokaro, Jharkhand. In this message he is telling us traditional remedy of lower back pain (Lumbar). He say’s in case of lower back pain the affiliated person should avoid rice & oily products. Use cooled boiled water. Soak 60~70 gms wheat overnight in water. In morning grind this soaked wheat with 30 gms Poppy seeds & 30 gms dried Coriander seeds together and boil this preparation in half liter milk. Taking this condensed milk regularly for 2 weeks is useful for getting relief from lower back pain. Rub Nutmeg on any clean rough surface using little water until paste is formed & fry this paste using in Sesame oil. This oil is effective for reducing lower back pain. Taking spoonful Ginger juice with half spoon Honey thrice a day is also effective in lower joint pain. Nirmal Mahto’s at 9204332389

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सर्दी-खांसी का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of cough & cold

यह सन्देश रामदीन बारस्कर का होशंगाबाद से है. इस सन्देश में रामदीनजी हमें सर्दी-जुकाम का पारंपरिक उपचार बता रहे है. इनका कहना है की रात को खाना खाने के बाद सोने के 1 घंटा पहले 1-2 गिलास ताजा पानी पिए और सोने से 10 मिनिट पहले 100-150 ग्राम गुड खाएं और गुड खाने के बाद पानी नहीं पीना है. ऐसा करने से सुबह तक जुकाम में लाभ मिलेगा. रोज प्रातः तुलसी की पत्तियों के साथ कालीमिर्च के 2 दाने नियमित खाने से सर्दी-जुकाम होने की संभावना कम हो जाती है. जिन्हें लंबे समय से सर्दी-जुकाम बना रहता हो वह गेहूं के आटे में गुड और थोडा घी मिलाकर आटा गूँथ ले फिर इसी की एक थोड़ी मोटी रोटी बनाकर तवे पर भली प्रकार कपडे से दबा-दबा कर से सेंक लें इससे यह बिस्किट की तरह हो जाएगी. इसे शाम को खाने के 2 घंटे बाद खाएं पर इसे खाने के बाद पानी न पियें. इस उपचार को शुरू करने के 3 दिन पहले से मिर्च-मसालेदार और तेलयुक्त भोजन बंद कर दें.

रामदीन बारस्कर से संपर्क 8120206574 पर कर सकते है.

This is a message by Ramadeen Baraskar from Hoshangabad, Madhya Pradesh. In this message he is telling us about traditional treatment of cough & cold. He says that after dinner and an hour before sleeping, drink 1-2 glass water and 10 minute before sleeping eat 100-150 gram Gud (Jaggery) & don’t take water after taking Gud. By doing so it can be beneficial to get rid of cough & cold. For those who has cough & cold since long time mix Gud & Ghee (Milk Fat) in wheat floor and make chapati then roast finely until it becomes like biscuit. Eat this chapati after two hour dinner & don’t drink water after eating this chapati. Precaution should be taken that leave spicy & oily food at least 3 days before starting this remedy.

Contact Ramadeen Baraskar on 8120206574

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अशोक वृक्ष के लाभ

यह संदेश निर्मल अवस्थीजी का कस्तूरबा नगर, वार्ड क्रमांक 4, छत्तीसगढ़ से है…इस संदेश में निर्मलजी अशोक के गुणों के बारे में बता रहे है….इनका कहना है की अशोक का वृक्ष सम्पूर्ण भारतवर्ष में पाया जाता है…लोग इसे घर पर भी लगाते है…आज वह अशोक से सौंदर्यवर्धक उबटन बनाने की विधि बता रहें है…गेहूं का आटा 4 चम्मच, सरसों का तेल 2 चम्मच, अशोक का चूर्ण 4 चम्मच इन तीनो को मिलाकार गाढ़ा घोल बना लें…यदि घोल ज्यादा गाढ़ा बन जाये तो इसमें थोडा दूध या पानी मिलाकर पतला कर ले….इस उबटन के प्रतिदिन चहरे, हाथों और पैरों पर लगाये….इससे रंग साफ़ होगा और तेजस्विता आएगी…..दूसरा उपयोग अशोक की 250 ग्राम छाल का बारीक़ चूर्ण बना ले और इसमें 250 ग्राम मिश्री मिलकर रख ले…यह चूर्ण श्वेत और रक्त प्रदर के लिए बड़ा उपयोगी है….मात्रा 10 ग्राम चूर्ण फांक कर ऊपर से चावल के धोवन का आधा गिलास पानी पी ले…तीसरा उपयोग गर्भस्राव को रोकने के लिए है… उपर लिखी विधि का प्रयोग गर्भधारण के पूर्व और बाद का प्रयोग करना है….साथ में अशोकघनसत्व वटी 2 गोली, प्रवालपिष्टी 2 रत्ती, गिलोय सत्व 4 रत्ती ऐसी मात्रा दिन में तीन बार देते रहें….साथ ही शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे…इसका प्रयोग कुछ दिनों तक करने से लाभ होता है.. निर्मल अवस्थी का संपर्क है: 09685441912

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