Tag Archives: चिरायता / Swertia chirayita

ज्वरनाशक पारंपरिक काढ़ा – Traditional decoction useful in fever

स्वास्थ्य स्वर से वैद्य एच डी गाँधी आज ज्वरनाशक पारंपरिक काढ़ा बनाने की विधि बता रहें है. चिरायता, करंज फल, परवल, धनिया, पित्तपापड़ा, नीम छाल, गिलोय. इन सभी घटको को 50 ग्राम की मात्रा में मिलाकर चूर्ण बनाकर रखें और ज्वर होने पर इस चूर्ण को 1 लीटर पानी में उबालें जब ¼ पानी शेष बचने पर इस काढ़े को छानकर किसी काँच की बोतल में भरकर रखे. इसे वयस्कों को 3 चम्मच की मात्रा में गुनगुने पानी से सुबह-शाम खाली पेट देने और बच्चों को 1 चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम देने से बुखार में लाभ मिलता है. उपचार के दौरान मिर्च-मसाले और तैलीय भोजन से परहेज रखे.

Vaid H D Gandhi suggesting traditional remedy for fever. Grind dried chirayta (Swertia chirayita), Beech tree fruit, Pointed gourd, Coriander seeds, Neem bark, Pittpapda (Fumaria officinalis) & Giloy (Tinospora cordifolia) all in 50 each in quantity. In fever boil this mixture in 1 liter water until ¼ water remains & after filtration keep this formulation in any clean glass bottle. Giving this formulation to adult patient in 3 spoon quantity & for children 1 spoon in quantity with lukewarm water twice a day is beneficial in fever. During treatment spicy & oily food should be avoided.  

Download (19 downloads)

 

Share This:

मधुमेह नियंत्रण का पारंपरिक तरीका – Traditional method of managing Diabetes.

इस सन्देश में वैद्य सुनंदा दुबे स्वास्थ्य स्वर के डॉ. एच.डी.गाँधी को मधुमेह का पारंपरिक उपचार बता रहीं है. उनका कहना है इसके उपचार के लिए अंगूठे के आकार का 4 इंच गिलोय का टुकड़ा, 5 कालमेघ की पत्तियाँ,  पत्तियों सहित भुईआंवला जिसे भूमिआंवला भी कहते है की 2 टहनियों को पीसकर उसका रस निकालकर उसमे 1-2 मी.ली करेले का रस मिलाकर 10 दिनों तक लगातार पीने से मधुमेह नियंत्रित रहता है.

For managing Diabetes take juice of thumb sized 4 inch long Giloy (Tinospora cordifolia) piece, 5 Kaalmegh leaves (Swertia chirayita), 2 twigs of Bhumiamla (Phyllanthus niruri) including leaves and 1-2 ml Bitter gourd for 10 consecutive days. Above tip is from Vaidya Sunanda Dubey, who is in conversation with Dr. Gandhi of Swasthya Swara.

Share This:

रक्त विकारों का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of blood related disorders

यह सन्देश रामफल पटेल का प्रज्ञा संजीवनी, नया बस स्टैंड, पाली, कोरबा, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामफलजी हमें रक्त विकारो के उपचार के पारंपरिक उपाय बता रहे है. इनका कहना है कि इसके उपचार के लिए 6 ग्राम नीम की कोपलें और 21 नग कालीमिर्च को पीसकर 125 मी.ली पानी में मिलाकर छानकर लेने से लाभ मिलता है. चिरायता, मंजीठा, खैर, रसना, हरड, बकुची, नीम के फूल,  मुल्हैठी और सरफोंक का काढ़ा बनाकर पीने से भी लाभ मिलता है.

This is a message of Ramfal Patel from Pragya Sanjeevani, Pali, Korba Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional remedy for Blood related disorders. Grind 6 gms Neem seedlings with 21 nos black pepper & mix it in 125 ml water. After filtration drinking this combination is useful.  Make decoction using  Chirayata (Swertia chirayita), Manjitha (Rubia manjith), Cutch tree, Rasna (Pluchea lanceolata), Harad (Terminalia chebula), Bakuchi (Psoralea coryifolia), Neem flowers, Licorice & Wild indigo powder. Taking this decoction is useful in blood related disorders.

Share This:

सामान्य ज्वर का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Common fever

यह सन्देश चन्द्रकान्त शर्मा का जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में चंद्रकांतजी हमें साधारण बुखार के उपचार के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि बुखार होने पर कुटकी, चिरायता और इन्द्रजव  की 2-5 ग्राम मात्रा को 100-400 मी.ली पानी में उबालें. इसके 10-50 मी.ली बचने पर इसे पीने से बुखार में लाभ मिलता है. बुखार होने की दशा में करेले की सब्जी का सेवन भी लाभदायक है. सौंठ, तुलसी, गुड और कालीमिर्च का 50 मी.ली काढ़ा बनाकर उसमे ½ या 1 नीबू का रस मिलाकर पीने से भी साधारण बुखार में लाभ मिलता है. चंद्रकांत शर्मा का संपर्क है 9893327457

This is a message of Chandrakant Sharma from Mungeli, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional treatment of common fever. He says in common fever boil Kutki (Picrorhiza kurroa), Chirayita (Swertia chirayita) & Indrajav (Holarrhena pubescens) 2-5 gram each in quantity until 10-50 ml water remains. Drinking this decoction in common fever is useful. Bitter gourd vegetable is also useful in common fever. Make decoction of dry ginger, basil leaves, jaggery & black peeper. Drinking this decoction after adding  ½  to 1 lemon juice is beneficial in common fever. Chandrakant Sharma is @ 9893327457

Share This: