Tag Archives: पान / Betel leaf

सर्दी-खाँसी का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Cold & Cough

इस सन्देश में स्वास्थ्य स्वर के एच डी गाँधी शीतकाल में होने वाले सर्दी-जुकाम का पारंपरिक उपचार की विधि बता रहें है जो इस प्रकार है तुलसी की 7 पत्तियाँ, 5 कालीमिर्च के दाने और 25 ग्राम गुड को एक गिलास पानी में उबालें और जब ¼ पानी बचे तो उस गुनगुने पानी को भोजन के बाद सुबह-शाम पीने से शीतकाल में होने वाले सर्दी-जुकाम में लाभ मिलता है. सर्दी-जुकाम के साथ ही खाँसी होने पर 1 चम्मच सितोप्लादी चूर्ण (बाजार में उपलब्ध), 1 चम्मच शहद और ½ चम्मच पान के रस को मिलाकर लेने से खाँसी में लाभ मिलता है.

As per vaid H D Gandhi of Swasthya Swara is suggesting us traditional treatment of Cough & Cold often caused in winter. Boil 7 Basil leaves, 5 Nos Black pepper & 25 gms Jaggery in 1 glass water & when  ¼ water remains drinking this lukewarm combination after meal twice a day is useful. In case of cough taking 1 spoon Sitopladi powder (Available in local market) after mixing with 1 spoon Honey &  ½  spoon Betel leaves juice is helping in get rid of cough. Swasthya Swara @ 8602008999

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हृदय रोगों से बचाव का पारंपरिक नुस्खा – Traditional tip for preventing ardiovascular diseases

यह सन्देश लोमेश कुमार बच का कोरबा छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में लोमेशजी हमें हृदय रोगों से बचाव का पारंपरिक नुस्खा बता रहे है. इनका कहना है कि यह  साधारण पर असरकारक योग है. इसे बनाने के लिए 1 चम्मच लहसुन  का रस, 1 चम्मच बंगला पान का रस, 1 चम्मच अदरक का रस और 1 चम्मच शहद को मिलाकर 1 मात्रा बनाकर 21 दिनों तक सुबह शाम और  21 दिनों के पश्चात इसकी 1 मात्रा प्रतिदिन लेने से हृदय रोगों से बचाव होता है इसे अन्य चल रही औषधियों के साथ भी लिया जा सकता है. इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है.

This is a message of Lomesh Kumar Bach from Korba, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional tip for preventing cardiovascular diseases. He says for preparing this combination take 1 spoon Garlic juice, 1 spoon Bengal betel leaves juice, 1 spoon Ginger juice & 1 spoon Honey & mixed well.  Taking this combination twice a day for 21 consecutive days & hereafter once a day is beneficial for the prevention of cardiovascular disease. This combination can be taken along with other ongoing medicines. This combination does not have any side effects.

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तुलसी के औषधीय गुण / Medicinal properties of Basil

यह सन्देश डॉ. एच डी गाँधी का धर्मार्थ दवाखाना मोतीनगर जिला रायपुर, छत्तीसगढ़ से है…इस सन्देश में डॉ. गाँधी हमें तुलसी के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे है…इनका कहना है की तुलसी के पौधे सामान्यतः सभी हिन्दू घरों में पाए जाते है…तुलसी के कई प्रकार होते है पर श्वेत तुलसी और श्यामा तुलसी ही प्रायः ज्यादा जानी जाती है… श्यामा तुलसी शीत, कफ एवं ज्वर नाशक है…फेफड़े से कफ को निकालने के लिए श्यामा तुलसी का काली मिर्च के साथ प्रयोग किया जाता है… तुलसी के अन्य उपयोग इस प्रकार है.

पहला: यदि बच्चों को लू लग जाये तो तुलसी के पत्तों का रस चीनी मिलाकर पिलाना फायदेमंद होता है..इस प्रकार करने से लू का प्रकोप कम हो जाता है…

दूसरा: मलेरिया और ठण्ड लगकर आने वाले ज्वर में तथा बच्चों के पसली के दर्द में तुलसी की 5-10 पत्तियों का रस शहद में मिलाकर दिन में 3 बार देने से आराम मिलता है…

तीसरा: खांसी होने पर तुलसी, अदरक और पान की पत्तियों का रस काली मिर्च और शहद के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है…

चौथा: तुलसी की पत्तियों का रस दाद पर लगाने से दाद कुछ दिनों में ठीक हो जाता है…

पांचवा: बच्चों के यकृत के रोग में तुलसी और ग्वारपाठे का रस सेवन कराने से लाभ होता है…

छठा: मूर्छा या बेहोशी की अवस्था में पर तुलसी की पत्तियों का रस सैंधा नमक मिलाकर दो बूंद नाक में डालने से मूर्छा दूर हो जाती है…

सातवाँ: तुलसी के पत्तों और सैंधा नमक मिलाकर बनाया काढ़ा पेट दर्द, वायु विकार, आँतों की सूजन और श्वांस रोग में लाभदायक है…

आँठवा: तुलसी की पत्तियों के रस को पुदीने और सौंठ के अर्क में मिलाकर पीने से वमन (उल्टी) रुक जाती है…

नवां: तुलसी के बीजों का 1 ग्राम चूर्ण दूध या मक्खन के साथ सुबह और शाम कुछ माह लेने से नपुंसकता और शीघ्रपतन में लाभ होता है…

दसवां: फेफड़ों में कफ होने पर तुलसी के सूखे पत्ते, कत्था, कपूर और इलायची के दाने, इससे दस गुना शक्कर मिलाकर पीस ले और इसको 1-1 चम्मच पानी के साथ सुबह-शाम लेने से कफ में आराम मिलता है…

ग्याहरवा: किसी भी रोग होने पर अगर प्यास ज्यादा लगती हो तो..तुलसी के पत्तों का रस पानी, नीबू और मिश्री मिलाकर पीने से प्यास का अधिक लगना कम हो जाता है…

This is a message from Dr. H D Gandhi from “Darmarth Dawakhana” Motinagar, Dist Raipur, Chhatisgarh… In this message Dr. Gandhi telling us about medicinal properties of Basil. In Hindu homes this plant is usually found due to its mythological values. There are different type of Basil are found  but mainly two types of them is much known White Basil and second one is Dark Basil. Dark Basin along with Black pepper can be used to expel cough from lungs. Many other medicinal properties of Basil are given below:

In case of sunstroke juice of Basil leaves and sugar is an effective remedy to reduce the effect of sunstroke. In Malaria, Cold & fever giving juice of 5-10 Basil leaves with honey three times a day is useful. In cough giving juice of Basil leaves, Ginger & Betel leaf after adding black pepper & honey is beneficial. Applying juice of Basil leaves on eczema is useful. Juice of Basil leaves & Aloe vera can be given to children for liver problems. Giving decoction of Basil leaves after adding rock salt is useful to get rid of stomachache, swelling of intestine, respiratory diseases. In case of vomiting giving juice of Basil leaves with Ginger & Mint extract is useful.

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