Tag Archives: पीपर / Piper longum

कब्ज का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of constipation

यह सन्देश वैद्य हरीश चावड़ा का गुंडरदेही, जिला बालोद, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में हरीशजी हमें कब्ज के उपचार का पारंपरिक नुस्खे बता रहे है. इसके उपचार के लिए काकड़ासिंघी, अतीस, पीपर, नागरमोथा, सनाय की पत्तियां, जवाखार और वायविडंग इन सभी को सामान मात्रा में पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर रख ले. प्रतिदिन भोजन करने के पश्चात ½ चम्मच यह चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेने से कब्ज में आराम मिलता है. निशोथ, अजवाइन, वायविडंग, सौंठ, काला नमक, कालीमिर्च, छोटी हरड इन सभी को 10-10 ग्राम की मात्रा में लेकर उसमे 40 ग्राम सनाय के पत्तियाँ मिलाकर बारीक पीसने के बाद कपडे से छान कर रख ले. इस चूर्ण को रोज रात्रि भोजन के बाद ½ चम्मच की मात्रा में लेने से कब्ज में लाभ मिलता है. आक (मदार) की जड़ को छाया में सुखाकर इसका चूर्ण बना ले. इस  ½ चूर्ण को गर्म दूध में मिलाकर लेने से भी कब्ज में लाभ मिलता है. हरीश चावड़ा का संपर्क है 9893765366

This is a message of vaidya Harish Chawda from Gundardehi, Dist. Balod, Chhatisgarh. In this message he is suggesting some traditional tips for the treatment of constipation. He says in case of constipation grind Kakda singi (Pistacia chinensis), Indian Atis (Aconitum heterophyllum), Piper longum, Nagarmotha (Cyperus scariosus), Senna leaves, Javakhar, False black pepper in equal quantity & keep this combination in any bottle. Taking this powder in  ½ tea spoon quantity twice a day after meal with lukewarm water is useful. Grind Indian jalap, Carom, False black peeper, dry ginger, black salt, black pepper & Terminalia chebula in 10 gram each in  & senna leaves in 40 gms quantity & after cloth filtration taking this  ½ table spoon combination after dinner is useful. Grind shadow dried root of crown flower tree & taking this  ½  table spoon powder after mixing in lukewarm milk is beneficial. Harish Chawda 9893765366 

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सामान्य खांसी का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of common cough

यह सन्देश चंद्रकांत शर्मा का मुंगेली, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में चंद्रकांतजी हमें सामान्य खांसी के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है  कि 1-2 ग्राम मुल्हैठी के चूर्ण में 5-10 मी.ली तुलसी का रस मिलाकर शहद के साथ चाटने से खांसी में लाभ होता है. 4-5 लौंग को भूनकर तुलसी की पत्तियों के साथ खाने से भी खांसी में लाभ मिलता है. पीपर चूर्ण, सौंठ चूर्ण और बहेड़े के चूर्ण को शहद के साथ खाने से भी खांसी में आराम मिलता है.

This is a message of Chandrakant Sharma from Mungeli, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional treatment of common cough. He says taking 1-2 gms liquorice powder after adding 5-10 ml basil juice & honey is useful. Taking 4-5 roasted cloves with basil leaves is also useful. Mix Piper longum powder with dry ginger power & Terminalia bellirica powder. Taking this mixture with honey is also useful.

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खाँसी का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Cough

यह सन्देश वैद्य हरीश चावड़ा का ग्राम गुंडरदेही, जिला बालोद, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में वह हमें खाँसी के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि किसी भी प्रकार के खाँसी होने पर मुल्हैठी और त्रिकुट (कालीमिर्च, लौंग पीपर और अदरक का चूर्ण) को समभाग लेकर उसे गुड के साथ मिलाकर छोटी-छोटी गोलियाँ बना लें. इन गोलियों 2-2 गोली की मात्रा में सुबह-शाम गुनगुने पानी के साथ लें. अगर इस उपचार से लाभ न मिले तो बाजार से लाल फिटकरी लाकर उसे तवे पर गर्म करके फुला लें. इसके ठन्डे होने पर इसे चिकना पीसकर यह 1 चुटकी चूर्ण एक चम्मच शहद में मिलाकर चटाने से किसी भी प्रकार की खांसी में लाभ होता है. हरीश चावड़ा का संपर्क है 9893765366

This is a message of vaid Harish Chawada from village Gundardehi, Dist. Balod, Chhatisgarh. In this message he is suggesting traditional treatment method of Cough. He says take Licorice & Trikut (mixture of black peeper, dry ginger & long pepper) in equal ratio and after adding jaggery make gram sized pills. Taking 2 pills with lukewarm water twice a day is useful. If you get no benefit by doing so, buy Potash alum from local market & inflate it on hot pan & grind well until fine powder is formed. Taking 1 pinch of this powder with one spoon honey is beneficial. Harish Chawda is @ 9893765366

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श्वांसरोग का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Respiratory disorders

यह सन्देश वैद्य हरीश चावड़ा का गुंडरदेही, जिला बालोद, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में हरीशजी हमें श्वांसरोग के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि अगर श्वांस लेने में कठिनाई होना, रात में खांसी अघिक आना, घबराहट होना ऐसा होने पर अडूसे की पत्तियों के रस का काढ़ा बनाकर पीना चाहिए. त्रिकुट (कालीमिर्च, लौंग पीपर और अदरक का चूर्ण) को गुड के साथ मिलाकर गर्म दूध के साथ पीना चाहिये. अगर इससे से भी लाभ नहीं मिले तो एक गिलास गर्म दूध में ½ चम्मच खाने का सोडा मिलाकर पीने से कफ साफ़ होने लगता है और श्वांसरोग में आराम मिलता है. रोज अकौए जिसे मदार भी कहते है इसका 1 सफ़ेद फूल रोज सुबह गुड के साथ 8-10 दिनों तक खाने से आराम मिलता है. हरीश चावड़ा का संपर्क है 9893765366

This is a message of Harish Chawda from village Gundardehi, Dist. Balod, Chhatisgarh. In this message he is telling use traditional treatment of Respiratory disorders. He says if you have difficulty in taking breath, more cough, anxiety drinking decoction of Malabar nut (Justicia adhatoda) tree leaves is useful. Drinking warm milk after adding Trikut (mixture of black peeper, dry ginger & long pepper) & jaggery is helpful. If you get no benefit by doing so, drink warm milk after mixing ½ spoon baking soda it is helpful in removing cough. Eat daily 1 White crown flower daily with jaggery for consecutive 8-10 days is beneficial. Harish Chadwa is @ 9893765366

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कृमि रोग का उपचार / Treatment of Helminthiasis

यह संदेश श्री रामफल पटेल का प्रज्ञा संजीवनी, पाली, जिला कोरबा छत्तीसगढ़ से है… इस संदेश में वह कृमि रोग के उपचार के लिए उपयोगी कुछ नुस्खे बता रहे है..वह इस प्रकार है…

पहला नुस्खा: पीपरामूल का चूर्ण बकरी की दूध के साथ में पीने से कृमि नष्ट होते है…

दूसरा नुस्खा: बासी पानी में 6 ग्राम खुरासानी अजवायन पीसकर उसमे 10 ग्राम पुराना गुड मिला ले, इसे लेने से कृमि नष्ट हो जाते है…

तीसरा नुस्खा: नीम के पत्तों का रस शहद के साथ लेने से कृमि नष्ट हो जाते है…

चौथा नुस्खा: पलाश के पत्तों के रस शहद के साथ लेने से कृमि नष्ट होते है…

पांचवा नुस्खा: सौंठ, कालीमिर्च, पीपरामूल , हरड, बहेड़ा, भटकटैया, नीम की छाल, रिसोद (रसना), बच और खैर का सार इन सब को मिलाकर काढ़ा बना लें… और इसे गोमूत्र में मिलाकर कम से कम 11 दिनों तक पिलाने से कृमि रोग में लाभ मिलता है….

श्री रामफल पटेलजी का संपर्क है: 8815113134

This is a message from Shri. Ramfal Patel from Pragnya Sanjeevani, Pali, Dist. Korba, Chhatisgarh. In this message Ramfalji describing us remedies for intestinal helminths as follows:

First: Combination of Long pepper & Goat milk can destroy stomach worms.

Second: Taking of  Khurasani Ajwain (Hyoscyamus Niger) 6 gms with stale water along with 10 gms  Gud (Jaggery) can  eradicate stomach worms.

Third: Taking  juice of Neem (Azadirachta indica) leaves with Honey can destroy stomach worms.

Forth: Taking juice of Palash (Butea monosperma) leaves with Honey can also destroy stomach worms.

Fifth: Mix & grind Ginger, Black pepper, Long pepper, Harad (Terminalia chebula), Baheda (Terminalia Belerica), Bark of Neem (Azadirachta indica), Bhatkattiya (Solanum virginianum), Bach (Acorus calamus), Khier (Catechu) &  Resada and pour some water and boil until syrup is formed. By taking this syrup with cow urine is beneficial for removing stomach worm.

You can reached Ramfalji on 8815113134

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उदर विकारों का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Stomach disorders

यह सन्देश रामप्रसाद निषाद का कोंडागांव, बस्तर, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामप्रसादजी हमें उदर विकार की पारंपरिक चिकित्सा के बारे में बता रहें है. इनका कहना है की उदर विकार कई प्रकार के होते है जैसे पेट में कब्ज होना, पेट में गुडगुडाहट होना, भूख नहीं लगना, मुहँ का स्वाद बिगड़ना, पेट साफ़ न होना. इसके उपचार के लिए त्रिफला (आंवला, हर्रा, बहेड़ा के चूर्ण का समान मात्रा में मिश्रण) 100 ग्राम, सौंठ 2 ग्राम, अजवाइन 50 ग्राम, पीपर 10 ग्राम और सनाय 5 ग्राम इन सभी का चूर्ण बनाकर इसमें समान मात्रा में गुड मिलाकर रख लें. 5-5 ग्राम यह मिश्रण सुबह-शाम भोजन के उपरांत गुनगुने पानी से लें. ऐसा करने से पेट ठीक ढंग से साफ़ हो जाता है. भूख लगना शुरू हो जाती है और मुहँ का स्वाद ठीक हो जाता है. इस उपचार के दौरान गरिष्ठ भोजन न लें, तेल मसालेदार वस्तुओं और खटाई का सेवन करने से बचें. रामप्रसाद निषाद का संपर्क है 7879412247

This is a message of Ramprasad Nishad from Kondagaon, Bastar, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional remedy for stomach problems. He say’s there are many types of stomach disorders such constipation, loss of appetite, bad mouth taste. Take 100 gms Triphala (Mixture of Amla, Harra, Baheda in equal ratio), dry Ginger 2 gms, Carom seeds 50 gms, Piper (Piper longum) 10 gms & Sanay (Senna) and make fine powder & add Jaggery in equal ratio & mix them together. Taking this 5 gms combination with lukewarm water after meal twice a day is effective remedy for stomach disorders. Don’t take heavy meals during the treatment & avoid oily spicy items.  Ramprasad Nishad’s at 7879412247

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शीत ऋतु में महिलाओं की समस्याओं का उपचार / Remedy for women related problems in Autumn

यह सन्देश डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव का भोपाल से है अपने इस सन्देश में वह ठण्ड के इस मौसम में महिलाओं को होने वाली समस्याओं के निदान के बारे बता रहीं है…इनका कहना है की ठण्ड के मौसम में महिलाओं को हाथ-पावों में सूजन, शरीर का दुखना, सफ़ेद पानी आना आदि समस्याएँ हो जाती है इससे निजात पाने के लिए इसका घरेलू उपचार है की हल्दी और मेथी को बराबर मात्रा में घी में भूनकर रख लें…इसमें पिपरामूल मिलाकर इसे रोज एक-एक चम्मच सुबह-शाम गुनगुने दूध या गुनगुने पानी में  में मिलाकर पियें और ठन्डे पानी और ठंडी हवाओं से बचे…ऐसा करने से ठण्ड के कारण होनेवाले दर्द सूजन और सफ़ेद पानी आने की तकलीफ में लाभ मिलता है…डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव का संपर्क है:  9907029593

This is a message of Dr. Purnima Shrivastava from Bhopal, In this message she is suggesting us domestic remedy for women related problems in Autumn such as inflammation, body pain & white discharge (Likoria). She said roast Turmeric and  Fenugreek in equal quantity and after adding Pipra mul (Piper longum) take this combination one teaspoon twice a day with luke warm milk or water.. Avoid cold water & cold waves.. This can useful to cure Inflammation, body pain & women related problems…Dr. Purnima’s at 9907029593

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सर्दी और खांसी का उपचार / Treatment of Cough & Cold

यह संदेश रामफल पटेलजी का प्रज्ञा संजीवनी नया बस स्टैंड पाली जिला कोरबा, छत्तीसगढ़ से है… इस सन्देश में रामफलजी सर्दी और खांसी के उपचार के बारे में बता रहें है…इनका कहना है की सौंठ 50 ग्राम, पीपर 50 ग्राम, कालीमिर्च 50 ग्राम, अडूसा 25 ग्राम, गिलोय 25 ग्राम और मुलेठी 25 ग्राम इन सबको पीसकर कर चूर्ण बना लें…और सुबह-शाम 2-3 ग्राम शहद के साथ ले…आवश्कता पड़ने पर 3 बार भी लिया जा सकता है…इसको लेने से सर्दी-खांसी में आराम मिलेगा….रामफल पटेलजी का संपर्क है: 8815113134

This message is by Shri. Ramfal Patel from Pragya Sanjeevani, New Bus Stand, Korba distt., Chhatisgarh. In this message he is telling us about a traditional remedy to treat cough & cold. He suggests – Take 50gms Dry Ginger, 50gms  Piper (longum), 50gms Black pepper, 25gms Justicia (adhatoda), 25gms Tinospora cordifolia and 25gms Glycyrrhiza glabra and grind them until a powder is formed. Take 2-3 gms of this powder with Honey. This medicine is very helpful to alleviate cough.

Ramfal Patel ji’s contact number is: 8815113134

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