Tag Archives: पीपल / Ficus religiosa

एक्जिमा का उपचार – Treatment of Eczema

यह सन्देश डॉ. एच. डी .गाँधी का स्वास्थ्य स्वर से है. इस सन्देश में वह एक्जिमा के उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि पीपल के भीतरी छाल को पीसकर  उसे कपडे से छानकर उस नारियल के तेल में पकाकर उसे नित्य लगाने से लाभ होता है. पीपल के 8-10 कोमल पत्तियों को दूध में उबालकर नित्य पिलाने और पीपल के भीतरी छाल को पीसकर 40 ग्राम की मात्रा में रात को नए मिट्टी के पात्र में 250 मी.ली पानी में भिगोकर सुबह उसे छानकर नित्य पीना लाभदायक है. ताजे दही के लस्सी का दिन में 3 बार सेवन लाभप्रद है.

Dr. H D Gandhi of Swasthya Swara is telling us treatment of Eczema.

Grind inner stem of Peepal (Ficus religiosa), cloth filtration and boil in Coconut oil. Applying this oil daily is useful. Boil 8-10 soft leaves of Peepal in milk. Taking this milk daily is useful. Grind 40 gms inner stem of Peepal and soak this in any new clay pot after adding 250 ml water overnight. Taking the water in the morning helps

  

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पीपल के वीर्यवर्धक गुण – Semen enhancing properties of Ficus religiosa (Peepal)

यह सन्देश वैद्य रामप्रसाद निषाद का फरसगांव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामप्रसादजी हमें वीर्यवर्धक पीपल के औषधीय गुणों के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि पीपल के वृक्ष को दैवीय मान्यता मिली है और इसे पूजा जाता है इसके अलावा इसके कई औषधीय गुण है. पीपल के फल, छाल, जड़ और कोमल पत्तियों को समान मात्रा पीसकर इसके दसवें भाग में बड का दूध मिला लें. जिन व्यक्तियों को उनके दांपत्य जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ता है उनके द्वारा इस नुस्खे को सुबह-शाम खाली पेट गुनगुने दूध के साथ लेने साथ ही इन्द्रजों के चूर्ण को भी सुबह-शाम गुनगुने दूध के साथ लेने से वीर्य की वृद्धि होती है इसके साथ ही उड़द की दाल का सेवन अधिक करें. मिर्च-मसालेदार तैलीय भोजन और खटाई का परहेज करें.

This is a message of vaidya Ramprasad Nishad from Farasgaon, Kondagaon, Chhatisgarh. In this message he is describing us traditional medicinal properties of Ficus religiosa also known as Peepal in Hindi. He says apart from its mythological & divine properties this plant has many medicinal properties & semen enhancing property is one of them. Grind its leaves, bark, fruit & root in equal quantity & hereafter add Banyan milk in 1/10 of total quantity & mix well. Taking this combination twice a day empty stomach in 1 spoon quantity with lukewarm milk is beneficial. Precaution should be taken avoid oily-spicy & sour items.

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पीपल के गुण

यह संदेश सरोजनी गोयल का बाल्को कोरबा, छत्तीसगढ़ से है…इस संदेश में सरोजनीजी पीपल के गुणों के बारे में बता रहीं है…उनका कहना है की पीपल बहुत सारे रोगों को दूर करता है….पीपल का फल बाँझपन को दूर करने में मददगार है…जिन स्त्रियों को गर्भ धारण नहीं होता है वह इसके फलो को बारीक़ पीसकर दिन के एक बार खाए तो उनको शीघ्र गर्भ धारण करने में मदद मिलेगी….वहीँ आजकल पुरषों में शीघ्रपतन होना आम है वह पीपल के दूध को बताशे के साथ पकाकर खाए उनको लाभ होगा…पीपल दमे को भी ठीक करने में मददगार है, पीपल के छाल का चूर्ण थोड़े गरम पानी के साथ दिन में तीन बार लेने से दमा ठीक हो जाता है….पेट में कृमि होने पर पीपल के पंचांग का चूर्ण थोड़े गुड और सौंफ के साथ खाने से लाभ होता है….जिनको पीलिया हो रहा हो तो वह पीपल और नीम के 5-5 पत्ते पीसकर सैंधा नमक मिलाकर नियमित खाए तो लाभ होगा….सरोजनी गोयल का संपर्क है: 9165058483

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