Tag Archives: बच / Acorus calamus

स्मरणशक्ति बढ़ाने का पारंपरिक उपाय – Traditional method for enhancing memory

यह सन्देश चंद्रकांत शर्मा का जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ से है. वह हमें स्मरणशक्ति को बढ़ाने का पारंपरिक उपाय बता रहे है. इनका कहना है कि बरगद की छाल को छाया में सुखाकर उसे पीसकर कपड़े छान लें फिर इसने दुगनी मात्रा में मिश्री का चूर्ण मिलाकर रखें. इस चूर्ण को 6 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध या जल के साथ लेने से लाभ होता है. बहेड़े का चूर्ण 3-8 ग्राम की मात्रा में शहद के साथ सुबह-शाम सेवन करने से भी लाभ मिलता है. बच का चूर्ण ½ ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम शहद अथवा मिश्री मिले दूध के साथ सेवन करने से स्मरणशक्ति को बढ़ाने में मदद मिलती है.

Vaid Chandrakant Sharma from Mungeli, Chhatisgarh is giving us some traditional tips for enhancing memory. Fine grind and cloth filter dry Banyan bark and add to it double amount of Misri powder. Take 1 teaspoon of this powder with milk or water twice daily. 1 teaspoon of  Baheda powder (Terminalia Belerica) with honey twice a day is also useful. ½ gms  Bachh (Sweet flag) powder with Honey or Misri with milk twice daily is beneficial.

 

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स्मरणशक्ति बढ़ाने का पारंपरिक उपाय – Traditional method for enhancing memory

यह सन्देश चंद्रकांत शर्मा का जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ से है. वह हमें स्मरणशक्ति को बढ़ाने का पारंपरिक उपाय बता रहे है. इनका कहना है कि बरगद की छाल को छाया में सुखाकर उसे पीसकर कपड़े छान लें फिर इसने दुगनी मात्रा में मिश्री का चूर्ण मिलाकर रखें. इस चूर्ण को 6 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध या जल के साथ लेने से लाभ होता है. बहेड़े का चूर्ण 3-8 ग्राम की मात्रा में शहद के साथ सुबह-शाम सेवन करने से भी लाभ मिलता है. बच का चूर्ण ½ ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम शहद अथवा मिश्री मिले दूध के साथ सेवन करने से स्मरणशक्ति को बढ़ाने में मदद मिलती है.

Vaid Chandrakant Sharma from Mungeli, Chhatisgarh is giving us some traditional tips for enhancing memory. Fine grind and cloth filter dry Banyan bark and add to it double amount of Misri powder. Take 1 teaspoon of this powder with milk or water twice daily. 1 teaspoon of  Baheda powder (Terminalia Belerica) with honey twice a day is also useful. ½ gms  Bachh (Sweet flag) powder with Honey or Misri with milk twice daily is beneficial.

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स्मरणशक्ति बढ़ाने का पारंपरिक उपाय – Traditional way to increase Memory

यह सन्देश रामप्रसाद निषाद का कोंडागांव, बस्तर, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामप्रसादजी हमें स्मृति भ्रम और कुंठित बुद्धि का पारंपरिक उपचार बता रहें है. इनका कहना है कि इस रोग से ग्रस्त रोगी की स्मरण शक्ति क्षीण हो जाती है और रोगी को किसी भी विषय का ज्ञान नहीं रहता है. इसके उपचार के लिए बच और शक्कर का बराबर मात्रा में चूर्ण बनाकर रख लें. यह चूर्ण 3 ग्राम (एक चम्मच) की मात्रा में रोगी को सुबह पानी के साथ दें इससे 8-10 दिनों में आराम मिलना शुरू हो जायेगा. बच के टुकड़े को 10 -15 मिनटों तक चूसने से भी लाभ मिलता है. दालचीनी का 3 ग्राम चूर्ण प्रतिदिन प्रातः रोगी को पानी के साथ देने से भी लाभ मिलता है. इसमें मिर्च मसालेदार और गरिष्ट भोजन और खाती से बचना चाहिए. सुपाच्य भोजन करना चाहिए विशेषकर विटामिन सी युक्त वस्तुओं का सेवन करना चाहिए.

Ramprasad Nishad from Kondagaon, Chhatisgarh, is giving tip for traditional remedy of memory loss. Make fine powder of equal quantity of Bach (Sweet flag) and sugar. One teaspoon of this powder taken with water early morning is beneficial. One teaspoon  of Cinnamon powder taken daily with water is also useful. During the treatment oily, spicy & heavy meals should be avoided. Preference should be given to digestive & vitamin C enriched food.

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स्मरणशक्ति बढाने का पारंपरिक उपाय – Traditional method for increasing memory power

यह सन्देश वैद्य एच डी गाँधी का स्वास्थ्य स्वर से है. अपने इस सन्देश में गाँधीजी हमें स्मरण शक्ति को बढ़ाने में सहायक पारंपरिक नुस्खा बता रहे है. यह नुस्खा विशेषकर बच्चों और बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए हितकर है. इनका कहना है कि इस नुस्खे को आजमाने से पहले तीन दिन पहले से पेट भली-भांति साफ़ रखना चाहिए. ऐसा करने के लिए तीन दिन तक 4 चम्मच अरंडी का तेल गुनगुने दूध में मिलाकर सुबह और शाम लेना चाहिए. बच्चों को देते समय तेल की मात्रा ½ चम्मच रखनी चाहिए. इस नुस्खे को बनाने के लिए 250 ग्राम शंखपुष्पी चूर्ण, 250 ग्राम बच, 250 ग्राम बादाम, 250 ब्रम्ही पंचांग चूर्ण, 2½ ग्राम अभ्रक भस्म और 300 ग्राम मिश्री इन सभी का बारीक़ चूर्ण बनाकर सूती कपडे से छानकर किसी हवाबंद डब्बे में रखे. बड़ों को यह चूर्ण 2 छोटे चम्मच की मात्रा (बच्चों को 1 चम्मच) में शहद में मिलाकर एक पाव दूध के साथ लगातार 3 माह तक देने से स्मरण शक्ति बढाने में मदद मिलती है.

This is a message of vaidya H D Gandhi from Swasthya Swara. In this message he is suggesting traditional tips for increasing memory power. It can be useful for children & old age persons as well. Before started using this traditional medicine person should clean their stomach by taking 4 tea spoon Castor oil (1 tea spoon in case of children) after mixing in lukewarm milk twice a day for 3 days. To prepare this medicine grind 250 gms Shankhpushpi (Convolvulus pluricaulis), 250 gms Bach (Acorus calamus) also known as sweet flag, 250 gms Almonds, 250 gms dried Bramhi (Bacopa monnieri) panchang (leaves, bark, flowers, seeds & root), 2½ gms Abhrak Bhasm (Mica ash) & 300 gms sugar candy to make powder & after filtration keep this combination in air tight container. Taking this combination in 2 spoon quantity (1 spoon in case of children) with honey & 250 ml milk is useful. 

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कृमि रोग का उपचार / Treatment of Helminthiasis

यह संदेश श्री रामफल पटेल का प्रज्ञा संजीवनी, पाली, जिला कोरबा छत्तीसगढ़ से है… इस संदेश में वह कृमि रोग के उपचार के लिए उपयोगी कुछ नुस्खे बता रहे है..वह इस प्रकार है…

पहला नुस्खा: पीपरामूल का चूर्ण बकरी की दूध के साथ में पीने से कृमि नष्ट होते है…

दूसरा नुस्खा: बासी पानी में 6 ग्राम खुरासानी अजवायन पीसकर उसमे 10 ग्राम पुराना गुड मिला ले, इसे लेने से कृमि नष्ट हो जाते है…

तीसरा नुस्खा: नीम के पत्तों का रस शहद के साथ लेने से कृमि नष्ट हो जाते है…

चौथा नुस्खा: पलाश के पत्तों के रस शहद के साथ लेने से कृमि नष्ट होते है…

पांचवा नुस्खा: सौंठ, कालीमिर्च, पीपरामूल , हरड, बहेड़ा, भटकटैया, नीम की छाल, रिसोद (रसना), बच और खैर का सार इन सब को मिलाकर काढ़ा बना लें… और इसे गोमूत्र में मिलाकर कम से कम 11 दिनों तक पिलाने से कृमि रोग में लाभ मिलता है….

श्री रामफल पटेलजी का संपर्क है: 8815113134

This is a message from Shri. Ramfal Patel from Pragnya Sanjeevani, Pali, Dist. Korba, Chhatisgarh. In this message Ramfalji describing us remedies for intestinal helminths as follows:

First: Combination of Long pepper & Goat milk can destroy stomach worms.

Second: Taking of  Khurasani Ajwain (Hyoscyamus Niger) 6 gms with stale water along with 10 gms  Gud (Jaggery) can  eradicate stomach worms.

Third: Taking  juice of Neem (Azadirachta indica) leaves with Honey can destroy stomach worms.

Forth: Taking juice of Palash (Butea monosperma) leaves with Honey can also destroy stomach worms.

Fifth: Mix & grind Ginger, Black pepper, Long pepper, Harad (Terminalia chebula), Baheda (Terminalia Belerica), Bark of Neem (Azadirachta indica), Bhatkattiya (Solanum virginianum), Bach (Acorus calamus), Khier (Catechu) &  Resada and pour some water and boil until syrup is formed. By taking this syrup with cow urine is beneficial for removing stomach worm.

You can reached Ramfalji on 8815113134

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मति भ्रम का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Memory loss

यह सन्देश रामप्रसाद निषाद का कोंडागांव, बस्तर, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामप्रसादजी हमें स्मृति भ्रम और कुंठित बुद्धि का पारंपरिक उपचार बता रहें है. इनका कहना है कि इस रोग से ग्रस्त रोगी की स्मरण शक्ति क्षीण हो जाती है और रोगी को किसी भी विषय का ज्ञान नहीं रहता है. इसके पारंपरिक उपचार के लिए मालकांगनी जिसे संस्कृत में ज्योतिष्मती के नाम से जाना जाता है के फलों के छिलके उतार कर उसका तेल निकालकर सुरक्षित रख लें. इस तेल की 1 से 5 बूंदे रोगी को बताशे में डालकर प्रतिदिन प्रातः खिलाएं ऐसा करने से लाभ होगा. बच और शक्कर का बराबर मात्रा में चूर्ण बनाकर रख लें. यह चूर्ण 3 ग्राम (एन चम्मच) की मात्रा में रोगी को सुबह पानी के साथ दें इससे 8-10 दिनों में आराम मिलना शुरू हो जायेगा. बच के टुकड़े को 10 -15 मिनटों तक चूसने से भी लाभ मिलता है. दालचीनी का 3 ग्राम चूर्ण प्रतिदिन प्रातः रोगी को पानी के साथ देने से भी लाभ मिलता है. इसमें मिर्च मसालेदार और गरिष्ठ भोजन और खटाई से बचना एवं सुपाच्य भोजन करना चाहिए विशेषकर विटामिन सी युक्त वस्तुओं का सेवन करना चाहिए. रामप्रसाद निषाद का संपर्क है 7879412247

This is a message of Ramprasad Nishad from Kondagaon, Bastar, Chhatisgarh. In this message he is telling use traditional remedy of memory loss. He say’s in this disorder the memory of suffering patient have diminished & the patient has no knowledge of any subject. Remove skin of Black oil plant (Malkangani) fruit and grind well until oil is extracted & 1-5 drops of this oil has to be given to the patient after dripping it on Sweet biscuit (Batasha). It is very useful for the patient. Make fine powder of Sweet flag (Bach) after adding sugar in equal quantity. Giving this 3 grams powder to the patient with water early morning is beneficial. Giving 3 grams  of Cinnamon powder daily with water to the patient is useful. During the treatment oily, spicy & heavy meals should be avoided. Preference should be given to digestive & vitamin C enriched food. Ramprasad Nishad’s at  7879412247

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