Tag Archives: रूमी मस्तगी / Mastic

अफारा का पारंपरिक उपचार -Traditional treatment of Flatulence

यह सन्देश वैद्य रामप्रसाद निषाद का फरसगांव जिला कोंडागांव, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामप्रसादजी हमें अफारा का पारंपरिक उपचार बता रहे है. इनका कहना है की अफारा होने पर पेट फूलकर कर कड़ा हो जाता है और मरीज को अत्याधिक परेशानी होती है. उपचार के आभाव में यह घातक हो सकता है. इसके उपचार के लिए रूमी मस्तगी और काले जीरे को बराबर मात्रा में पीसकर किसी बोतल में भरकर रख दें. जरुरत पड़ने पर इसकी 2-4 रत्ती मात्रा को चूसने से लाभ मिलने लगता है. इससे पेट कडापन भी ठीक हो जाता है. इस उपचार के दौरान तेल, मिर्च-मसलों और खटाई से परहेज करना चाहिए. रामप्रसाद निषाद का संपर्क है 7879412247

This is a message of Ramprasad Nishad from Farasgaon, dist. Kondagaon, Chhatisgarh. In this message he is telling us traditional treatment of Flatulence. He says in this condition stomach become harder due to abdominal bloating. For treatment grind Rumi mastagi known as Mastic in English & Black cumin in equal quantity & store this in any bottle. Licking combination in  ¼ – ½ gms in quantity is beneficial for patient. It also goes right to the stomach stiffness. Precaution should be taken during treatment avoid oily-spicy & sour food items. Ramprasad Nishad is @ 7879412247

 

 

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