Tag Archives: शहद / Honey

झड़ते सफ़ेद बालों का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Grey hair & hair loss problem

ग्राम गुंडरदेही, जिला बालोद, छत्तीसगढ़ के वैद्य हरीश चावड़ा हमें बालों के असमय सफ़ेद होने और झड़ने का पारंपरिक घरेलू उपचार बता रहें है.  इसके उपचार के लिए रात को 2 रीठे पानी में भिगोकर रखें और सुबह उस पानी से अपने बालों को धोएं. 50 ग्राम शहद में 100 ग्राम प्याज का रस मिलाएँ और उसे किसी काँच की बोतल में भरकर रखें. इससे  रोज रात को बालों की जड़ों की मालिश करें और सुबह रीठे के पानी से बालों को धोएं. इस प्रकार नियमित करने से बालों का झड़ना कम होकर बाल मुलायम और चमकदार होंगे.

Vaid Harish Chawda of village Gunderdehi, Balod, Chhatisgarh is suggesting us traditional home tip effective in grey hair & hair loss problem. For treatment soak 2 Ritha (Sapindus) overnight. Add 50 gms Honey to 100 gms Onion juice and after proper mixing keep this mixture in any glass bottle. At bed time gently massaging hair roots using this mixture & in the morning washing your hairs by using sapindus soaked water is effective in hair loss and gray hair problems & it will becomes your hair silky as well. 

Share This:

कोलेस्ट्राल को नियंत्रित करने का पारंपरिक घरेलू नुस्खा – Traditional tip for managing Cholesterol

स्वास्थ्य स्वर से वैद्य एच डी गाँधी कोलेस्ट्राल को कम करने का  घरेलू नुस्खा बता रहे हैं. जो इस प्रकार है 3 चम्मच दालचीनी, 3 चम्मच शहद और 10 तुलसी की पत्तियों को 3 गिलास पानी में मिलाकर उबालें. जब पानी सिर्फ लगभग 1 कप शेष बचे तब इसे छानकर इसका खाली पेट नियमित सेवन करने से कोलेस्ट्राल का स्तर घटाने में मदद मिलती है. सवधानी यह रखनी है की इसका सेवन करने  पश्चात एक घंटे तक कुछ नहीं खाएं.
Vaid H D Gandhi of Swasthya Swara is sharing some tips on managing cholesterol. According to him boil 3  tea spoons of Dalchini (innamon), 3 tea spoon of Honey and 10 Tulsi (Basil) leaves in 3 glass of water till only 1 cup remains. Strain the concoction and the same should be taken empty stomach daily in the morning. Food to be taken only after one hour. He also advises that intake of oil should be in limited quantity. 

Share This:

मुहाँसो के उपचार के लिए पारंपरिक लेप – Traditional liniment for Pimple treatment

स्वास्थ्य स्वर से वैद्य एच डी गाँधी आज हमें मुहाँसो के उपचार के लिए पारंपरिक लेप बनाने की विधि बता रहें है. इसके लिए 1 चम्मच दालचीनी का चूर्ण, 3 चम्मच शहद, 10 ग्राम एलोवेरा का गूदा, 2 ग्राम हल्दी का चूर्ण और 10 नग नीम की पत्तियों को पीसकर उसके लेप को रोज नियमित रात को सोने के पहले चेहरे पर लगाएँ और सुबह गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें इससे लाभ होगा. चेहरे को साफ़ करने के लिए साबुन की जगह मुलतानी मिट्टी का प्रयोग करें. यदि चेहरे पर दाग-धब्बे हो गए हो तो 1 चम्मच चने का आटा,  1 चम्मच मलाई, 1 चम्मच शहद, 10 बूंद नीबू का रस और एक चम्मच दालचीनी का चूर्ण को मिलाकर इस लेप को चेहरे पर लगाना लाभदायक है.
Vaid H D Gandhi of Swasthya Swara is telling traditional liniment for Pimple treatment. Mix 1 spoon Cinnamon powder, 3 spoon Honey, 10 gms Aloevera pulp or gel, 2 gms Turmeric powder & 10 nos Neem leaves paste together to make liniment & regularly applying  this on face daily before bed time and in the morning washing your face with lukewarm water is useful for Pimple treatment. Precaution should be taken avoid using soap. In case of stains on face applying paste of 1 spoon Gram flour, 1 spoon milk cream, 10 drops lemon juice & 1 spoon Cinnamon powder is beneficial.

Share This:

सर्दी-खाँसी का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Cold & Cough

इस सन्देश में स्वास्थ्य स्वर के एच डी गाँधी शीतकाल में होने वाले सर्दी-जुकाम का पारंपरिक उपचार की विधि बता रहें है जो इस प्रकार है तुलसी की 7 पत्तियाँ, 5 कालीमिर्च के दाने और 25 ग्राम गुड को एक गिलास पानी में उबालें और जब ¼ पानी बचे तो उस गुनगुने पानी को भोजन के बाद सुबह-शाम पीने से शीतकाल में होने वाले सर्दी-जुकाम में लाभ मिलता है. सर्दी-जुकाम के साथ ही खाँसी होने पर 1 चम्मच सितोप्लादी चूर्ण (बाजार में उपलब्ध), 1 चम्मच शहद और ½ चम्मच पान के रस को मिलाकर लेने से खाँसी में लाभ मिलता है.

As per vaid H D Gandhi of Swasthya Swara is suggesting us traditional treatment of Cough & Cold often caused in winter. Boil 7 Basil leaves, 5 Nos Black pepper & 25 gms Jaggery in 1 glass water & when  ¼ water remains drinking this lukewarm combination after meal twice a day is useful. In case of cough taking 1 spoon Sitopladi powder (Available in local market) after mixing with 1 spoon Honey &  ½  spoon Betel leaves juice is helping in get rid of cough. Swasthya Swara @ 8602008999

Share This:

मोटापे का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Obesity

ग्राम गुंडरदेही, जिला बालोद, छत्तीसगढ़ के वैद्य हरीश चावड़ा हमें आज मोटापे का पारंपरिक घरेलु उपचार बता रहे है. इसके लिए प्रतिदिन 200 मी.ली गुनगुने पानी में 20 मी.ली नीबू का रस और 20 ग्राम शहद मिलाकर लगातार तीन माह तक लेने से लाभ मिलता है. रक्त सिंदूर और देशी हल्दी दोनों को समभाग मिलाकर  उसका चूर्ण बना लें. प्रतिदिन रात्रि इस मिश्रण को एक चुटकी की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ कुछ दिन लेने से भी लाभ मिलता है.

In this message vaid Harish Chawda of village Gunderdehi of Dist. Balod, Chhatisgarh is suggesting traditional home tips useful in Obesity. Taking 200 ml lukewarm water after mixing 20 ml Lemon juice and 20 gms Honey daily for three consecutive months is useful. Mix Raktsindoor (Bixa orellana) powder & Turmeric in equal quantity. Taking this combination in a pinch quantity with lukewarm water at night for some days is benificial  for overweight persons.

Share This:

मोटापा घटाने का पारंपरिक उपाय – Traditional tips for reducing weight

वैद्य लोमेश बच कोरबा, छत्तीसगढ़ से हमें मोटापा घटाने के कुछ पारंपरिक उपायों के बारे में बता रहें है. इनके अनुसार त्रिकटू चूर्ण (कालीमिर्च-लौंग पीपर-सौंठ का मिश्रण) और त्रिफला चूर्ण (बहेड़ा-हर्रा-आंवला का मिश्रण) को समभाग और थोडा सा सैंधा नमक मिलाकर रखें. प्रतिदिन इस चूर्ण को 1 चम्मच की मात्रा में  नियमित इसे 6 माह तक लेना मोटापा घटाने में मददगार है. प्रतिदिन प्रातः 250 मी.ली गुनगुने पानी में 20 ग्राम शहद मिलाकर इसे लगातार 3 माह तक लेने से भी मोटापा घटाने में मदद मिलती है.

Vaid Lomesh Bach of Korba, Chhatisgarh is telling us traditional tips which is helping in to get rid of Obesity. As per him mix Trikatu powder (Mixture of Black peeper- Piper longum & Dry ginger) and Triphala powder (Mixture of Terminalia Belerica-Indian gooseberry & Terminialia chebula) in equal quantity and after adding little Rock salt taking this powder daily in 1 spoon quantity for 6 months is useful. Taking 250 ml lukewarm water after adding 20 gms Honey in early morning for consecutively 3 months is also beneficial.

Share This:

मधुमेह नियंत्रित रखने के पारम्परिक उपाय – Traditional methods of managing Diabetes.

कोरबा, छत्तीसगढ़ के वैद्य लोमेश कुमार बच हमें मधुमेह को नियंत्रण में रखने के पारंपरिक उपाय बता रहें है. जामुन की कोमल पत्तियाँ, बेल की पत्तियाँ और गुडमार को 4-4 ग्राम की मात्रा में गाय के दूध में औटायें (उबालना) और बिना मिश्री डाले सुबह-शाम सेवन करने से मधुमेह नियंत्रित होता है. ¾ ग्राम शिलाजीत सुबह-शाम शहद के साथ चाटने से भी लाभ मिलता है. बेल की पत्तियों के 100 मी.ली रस में शहद डालकर पीते रहने से मधुमेह नियंत्रण में मदद मिलती है.

In this message vaidya Lomesh Kumar Bach is telling us some traditional tips for managing Diabetes. Boil Jamun seedlings (Java plum), Bel leaves (Aegle marmelosand Gudmar (Gymnema sylvestre) 4 gms each in cow milk. Taking this milk without adding sugar twice a day is beneficial. Licking ¾ gms Shilajeet (Mumijo) with pure Honey is useful. Regularly drinking 100 ml Bel leaves juice with pure Honey is helpful.

Share This:

दमे का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Asthma.

कोरबा, छत्तीसगढ़ के वैद्य लोमेश कुमार बच का कहना है कि दमा होने की स्थिति में 10 ग्राम मदार के फूल, 5 ग्राम पीपली, 10 ग्राम कटेरी के फूल और 10 ग्राम मुल्हैठी के चूर्ण को पीसकर धूप में सुखाकर इसमें शहद मिलाकर इसकी चने के आकार की गोलियाँ बनाकर रख लें. दौरा पड़ने की स्थिति में इन 2 गोलियों को गुनगुने पानी के साथ देने से मरीज को लाभ होता है.

This tip is about Asthma from Vaid Lomesh Bach of Korba, Chhatisgarh. Shadow dry and grind 10 gms Madar (Calotropis gigantea) flowers, 5 gms Kateri flowers (Solanum virginianum) also known as Thorny nightshade in English, Mulethi (Liquorice) and Peepli (Piper longum). Mix 10 gms of each powder with little Honey to make Gram sized pills. During Asthma attack taking 2 pills with lukewarm water will be helpful.

Share This:

गठियावात का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Arthritis

यह सन्देश लोमेश कुमार बच का कोरबा छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में लोमेशजी हमें गठियावात में होने वाले जोड़ो के दर्द के उपचार का पारंपरिक तरीका बता रहे है. इनका कहना है कि गठियावात में जोड़ो का दर्द अत्यंत तकलीफदेह होता है. इसके उपचार के इन्द्रायण के जड़ 50 ग्राम, शुद्ध और शोधित कुचला 50 ग्राम और कालीमिर्च 50 इन तीनो को बारीक पीसकर इसे सूती कपडे से छानकर इसमें शहद मिलाकर इसकी चने के आकार की गोलियाँ बना कर रख ले. इन गोलियों को 1 गोली की मात्रा में प्रतिदिन रात्रि को सोते समय पानी के साथ देने से गठियावात में होने वाले जोड़ो के दर्द में लाभ मिलता है.

This message is of Lomesh Kumar Bach from Korba, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional remedy for Arthritis joint pain. Grind 50 gms dried Indrayan (Citrullus colocynthis) also known as Bitter cucumber, 50 gms detoxified Kuchla (Nux vomica) & 50 gms Black pepper. Cloth filter the powder and add some honey to make gram sized pills. Taking one pill at bed time with water is beneficial for relief in Arthritis joint pain.

Share This:

स्मरणशक्ति बढाने का पारंपरिक उपाय – Traditional method for increasing memory power

यह सन्देश वैद्य एच डी गाँधी का स्वास्थ्य स्वर से है. अपने इस सन्देश में गाँधीजी हमें स्मरण शक्ति को बढ़ाने में सहायक पारंपरिक नुस्खा बता रहे है. यह नुस्खा विशेषकर बच्चों और बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए हितकर है. इनका कहना है कि इस नुस्खे को आजमाने से पहले तीन दिन पहले से पेट भली-भांति साफ़ रखना चाहिए. ऐसा करने के लिए तीन दिन तक 4 चम्मच अरंडी का तेल गुनगुने दूध में मिलाकर सुबह और शाम लेना चाहिए. बच्चों को देते समय तेल की मात्रा ½ चम्मच रखनी चाहिए. इस नुस्खे को बनाने के लिए 250 ग्राम शंखपुष्पी चूर्ण, 250 ग्राम बच, 250 ग्राम बादाम, 250 ब्रम्ही पंचांग चूर्ण, 2½ ग्राम अभ्रक भस्म और 300 ग्राम मिश्री इन सभी का बारीक़ चूर्ण बनाकर सूती कपडे से छानकर किसी हवाबंद डब्बे में रखे. बड़ों को यह चूर्ण 2 छोटे चम्मच की मात्रा (बच्चों को 1 चम्मच) में शहद में मिलाकर एक पाव दूध के साथ लगातार 3 माह तक देने से स्मरण शक्ति बढाने में मदद मिलती है.

This is a message of vaidya H D Gandhi from Swasthya Swara. In this message he is suggesting traditional tips for increasing memory power. It can be useful for children & old age persons as well. Before started using this traditional medicine person should clean their stomach by taking 4 tea spoon Castor oil (1 tea spoon in case of children) after mixing in lukewarm milk twice a day for 3 days. To prepare this medicine grind 250 gms Shankhpushpi (Convolvulus pluricaulis), 250 gms Bach (Acorus calamus) also known as sweet flag, 250 gms Almonds, 250 gms dried Bramhi (Bacopa monnieri) panchang (leaves, bark, flowers, seeds & root), 2½ gms Abhrak Bhasm (Mica ash) & 300 gms sugar candy to make powder & after filtration keep this combination in air tight container. Taking this combination in 2 spoon quantity (1 spoon in case of children) with honey & 250 ml milk is useful. 

Share This: