Tag Archives: शिलाजीत / Mumijo

मधुमेह का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Diabetes

ग्राम गुंडरदेही, जिला बालोद, छत्तीसगढ़ के वैद्य हरीश चावड़ा का कहना है की मधुमेह के रोगियों या जिनका मधुमेह प्रारंभिक अवस्था में हो वह रोगी 100 ग्राम बेलपत्र, 100 ग्राम जामुन की पत्तियाँ, 50 ग्राम नीम की पत्तियाँ, 25 ग्राम सीताफल की पत्तियाँ और 50 ग्राम तुलसी की पत्तियों को छाया में सुखाकर उसका महीन चूर्ण बना लें और उस चूर्ण में 100 ग्राम शुद्ध शिलाजीत मिलाकर रख लें. इसे प्रतिदिन सुबह खाली पेट 1 चम्मच की मात्रा में ठन्डे पानी से लेने से आराम मिलेगा.

As per vaid Harish Chawda of village Gunderdehi of dist. Balod of Chhatisgarh taking 1 spoon shadow dried powder of 100 gms Bel (Aegle marmelos) leaves , 100 gms Jamun (Java plum) leaves, 50 gms Neem leaves, 25 gms Sitafal (Custard apple) leaves & 50 gms Basil leaves and 100 gms Shilajeet (Mumijo) with cold water every morning empty stomach is useful in Diabetes

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रक्त शर्करा को नियंत्रत करने के पारंपरिक नुस्खे – Traditional tips for managing blood sugar

यह सन्देश वैद्य हरीश भाई चावड़ा का ग्राम गुंडरदेही, जिला बालोद छत्तीसगढ़ से है. इस सन्देश में वह मधुमेह के रोगियों को उनकी रक्त शर्करा को पारंपरिक नुस्खों से नियंत्रित करने का तरीका बता रहें है. उनका कहना है कि जिन मधुमेह के रोगियों के रक्त और मूत्र में शर्करा की मात्रा 200 से अधिक रहती हो वह भोजन में चावल के बदले भगर का उपयोग करें. जिसका उपवास के दौरान सेवन किया जाता है और जिसे कई जगह मोरधन भी कहते है. उपचार हेतु 100 ग्राम गुडमार, 50 ग्राम नीम की पत्तियाँ, 50 ग्राम तुलसी की पत्तियाँ , 100 ग्राम बेल की पत्तियाँ और 100 ग्राम जामुन की पत्तियों को सुखाकर -पीसकर इनका चूर्ण बना लें और इस चूर्ण में 200 ग्राम शुद्ध शिलाजित मिलकर रखें. प्रतिदिन प्रातः यह 1 चम्मच चूर्ण हल्के गुनगुने पानी से लगातार 2-3 महीनो तक लेने से रक्त और मूत्र में शर्करा का स्तर मानक सीमा में आ जाती है.

In this message vaidya Harish Chawda of Gundardehi, Balod, Chhatisgarh is suggesting tips for controlling excess sugar levels to Diabetic persons. As per him taking “Bhagar” (Echinochloa colona– commonly consumed during festive fasting days) instead of Rice is useful for Diabetic persons. Apart from this make shadow dried powder of 100 gms Gudmaar (Gymnema Sylvestre), 50 gms Neem leaves, 50 gms Basil leaves, 100 gms Bel (Aegle marmelos) leaves & 100 gms Jamum (Java plum) leaves & after adding 200 gms Shilajeet (Mumijo) keep this preparation in any air tight container. Taking this combination daily morning in 1 spoon quantity regularly for 2-3 months with lukewarm water is helping to keep sugar levels in permissible limits. 

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मधुमेह नियंत्रित रखने के पारम्परिक उपाय – Traditional methods of managing Diabetes.

कोरबा, छत्तीसगढ़ के वैद्य लोमेश कुमार बच हमें मधुमेह को नियंत्रण में रखने के पारंपरिक उपाय बता रहें है. जामुन की कोमल पत्तियाँ, बेल की पत्तियाँ और गुडमार को 4-4 ग्राम की मात्रा में गाय के दूध में औटायें (उबालना) और बिना मिश्री डाले सुबह-शाम सेवन करने से मधुमेह नियंत्रित होता है. ¾ ग्राम शिलाजीत सुबह-शाम शहद के साथ चाटने से भी लाभ मिलता है. बेल की पत्तियों के 100 मी.ली रस में शहद डालकर पीते रहने से मधुमेह नियंत्रण में मदद मिलती है.

In this message vaidya Lomesh Kumar Bach is telling us some traditional tips for managing Diabetes. Boil Jamun seedlings (Java plum), Bel leaves (Aegle marmelosand Gudmar (Gymnema sylvestre) 4 gms each in cow milk. Taking this milk without adding sugar twice a day is beneficial. Licking ¾ gms Shilajeet (Mumijo) with pure Honey is useful. Regularly drinking 100 ml Bel leaves juice with pure Honey is helpful.

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पथरी का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Kidney stone

यह सन्देश ब्रह्मान मरकाम का तामिया, छिंदवाडा, मध्यप्रदेश से है. अपने इस सन्देश में ब्रह्मानजी हमें पथरी के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहें है. इनका कहना है कि पातालकोट में चट्टानों से निकला हुआ शिलाजीत पातालकोट के वासियों को प्रकृति से मिला अमूल्य उपहार है. शिलाजीत शारीरिक कमजोरी, उदर संबंधित रोगों और पथरी के उपचार में प्रयुक्त होता है. पथरी के उपचार के लिए एक कप गाय के दूध में 1 मक्के के दाने के बराबर शिलाजीत अच्छी तरह से पीसकर मिला लें. इसे प्रातः खाली पेट लगातार 5 दिनों तक लेते रहना पथरी के रोगियों के लिए लाभदायक है. इसमें ध्यान रखने योग्य बात यह है की इसे सिर्फ 5 दिनों तक ही लेना है.  ब्रह्मान मरकाम का संपर्क है 8305936172

This is a message of Bramhan Markam from Tamia, Chhindwara, Madhya Pradesh. In this message he is telling us traditional treatment of Kidney stone problem. He says Mumijo is an invaluable gift of nature to the inhabitants of Patalkot. Mumijo is used in the treatment of weakness, stomach disorders & for the treatment of Kidney stone problems. Make powder of Mumijo equivalent to maize grain and mix it in a cup of cow milk & stir well. Taking this combination early morning empty stomach for 5 consecutive days can be helpful to get rid of Kidney stone. Precaution should be taken is don’t take this combination for more than 5 days. Bramhan Markam’s at 8305936172

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मधुमेह को नियंत्रित करने का पारंपरिक तरीका / Traditional remedy for Diabetes control

यह सन्देश लोमेश कुमार बच का पाली, कोरबा छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में लोमेशजी हमें मधुमेह को नियंत्रित करने का पारंपरिक तरीका बता रहें है. इनका कहना है कि आज के समय मधुमेह का प्रसार बढ़ रहा है. इसको नियंत्रित रखने के लिए वह हमें मधुमेह दमन वटी बनाने का सूत्र बता रहे है. इसको बनाने के लिए 100 ग्राम जामुन गुठली, 100 ग्राम गुडमार, 100 ग्राम बबूल की पत्तियाँ, 100 ग्राम हल्दी घी में भूनी हुई, 50 ग्राम शिलाजीत, 100 ग्राम सौंठ, 100 ग्राम बेल पत्तियों का चूर्ण, 100 ग्राम जामुन की पत्तियों का चूर्ण, 50 ग्राम स्वर्ण माच्छीक भस्म (बाजार में उपलब्ध है). इन सभी घटकों को एकत्रित कर के चूर्ण बना लें. इन सामग्रियों से बने चूर्ण को त्रिफला के क्वाथ (काढ़ा) में घोंटकर सूखा लें. इसके सूखने के बाद इसी प्रकार इस प्रक्रिया को तीन बार दोहराएँ (3 बार सूखाकर घोंटे). इसके बाद इसी प्रक्रिया को गोझरण का प्रयोग कर 3 बार दोहराएँ इसके बाद इसी प्राक्रिया को  तुलसी की पत्तियों के रस के साथ 3 बार दोहराएँ. इसके बाद इस सूखे हुए चूर्ण की 2-2 ग्राम की वटी (गोली) बनाकर रख लें. इन गोलियों को 1-1 गोली की मात्रा में सुबह-शाम पानी के साथ एक वर्ष तक लें. लोमेश कुमार बच का संपर्क है 9753705914

This is a message of Lomesh Kumar Bach from Pali, Korba, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional formulation for managing Diabetes. He says at present time the prevalence of Diabetes is growing. Lomeshji is telling us method of making pilles by using forest products. Take 100 gms Blackberry seeds, 100 gms Gudmaar or Madhunashini (Gymnema sylvestre), 100 gms Acacia leaves, 100 roasted Turmeric in ghee, 50 gms Shilajeet (Mumijo), 100 gms dried Ginger, 100 gms Bael leaves (Aegle marmelos), 100 Blackberry leaves & 50 gms Swarna Machhik Bhasm (Available in the market). Make fine powder by using above said contents (Articles). Then creams up this powder in Trifala decoction until this combination becomes dried after drying repeat this process three times. Hereafter repeat this process using Gojharan (Extract of Cow urine) & Basil leaves. Hereafter make pilles using this dried combination. Taking this pills in 1-1 quantity twice a day for 1 year. This is beneficial for Diabetic persons. Lomesh Kumar Bach’s at 9753705914

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पारंपरिक पुष्ठिवर्धक नुस्खे / Traditional method to enhancing vitality

यह सन्देश चंद्रकांत शर्मा का जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ से है अपने इस सन्देश में चंद्रकांतजी हमें शरीर को पुष्ट करने का पारंपरिक नुस्खे बता रहें है.

पहला: इनका कहना है की 1-2 ग्राम सौंठ या उतनी ही शिलाजीत या 2-5 ग्राम शहद में समभाग अदरक लेने से शरीर             पुष्ट होता है.

दूसरा: 3-5 अंजीर को दूध में उबालकर या अंजीर खाकर दूध पीने से शक्ति बढती है.

तीसरा: 1-2 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को आंवले के 10-40 मी.ली. रस से 15 दिनों तक लेने से शरीर को बल मिलता है.

चौथा: एक गिलास पानी में एक नीबू निचोड़कर उसने 2 किशमिश रात भर भिगो कर रखें. प्रातः उस पानी को भिगोए              हुए किशमिश के साथ चबाकर पी लें यह एक शक्तिवर्धक प्रयोग है.

पांचवा: शाम को गुनगुने पानी में 2 चुटकी हल्दी मिलाकर कर पीने से शरीर निरोगी रहता है.

चंद्रकांत शर्मा का संपर्क है: 9893327457

This is a message of Chandrakant Sharma from Mungeli, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us some traditional tips to Energize our body. He say’s taking 1-2 gms Dry Ginger powder or Mumijo in same quantity or 2-5 gms Ginger & Honey in equal ratio is very effective way to energize our body. Mix 1-2 gms Indian ginseng powder well known as Ashwagandha in 10-40 ml Indian gooseberry (Amla) juice and take this combination for 15 days to energize our body. Squeeze a lemon in glassful water and soak 2 Raisins overnight in it. In the morning eat soaked raisins with water. In evening take 2 pinch Turmeric powder in lukewarm water to enhance vitality. Chandrakant Sharma is at 9893327457

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