Tag Archives: सरसों / Musterd

खाज-खुजली का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Itching

जिला बालोद, छत्तीसगढ़ के वैद्य हरीश चावड़ा का कहना है कि अगर शरीर के किसी भाग में खुजली हो, दाने पड़ गए हो और उसमे खुजलाहट के साथ पानी निकलता है तो उस दशा में 25 मी.ली सरसों के तेल में 10 ग्राम भीमसेनी कपूर मिलाकर लगाने से लाभ मिलेगा अगर खुजली सिर्फ सूखी हो तो उस पर करंज का तेल लगाने से लाभ मिलता है.

Harish Chawda of Chhatisgarh gives some simple tips for skin disorders. Applying mixture of 25ml Mustard oil and 10gms Camphor on sores with liquid discharge and itching affected body parts or in case of dry itching & sores. Applying Karanj oil (Beech Tree) is useful

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दाद, खाज, खुजली का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of skin diseases

जिला बालोद, छत्तीसगढ़ के वैद्य हरीश चावड़ा का कहना है कि अगर शरीर के किसी भाग  दाद होने की दशा में उस पर कटहल वृक्ष के कोमल पत्तियों को पीसकर उसका लेप प्रभावित स्थान पर 7 दिनों तक लगाने या बरगद के दूध में थोडा सा नमक मिलाकर लगाने से भी आराम मिलता है. तुलसी की पत्तियों के रस में घुलनशील गंधक मिलाकर लगाने से अथवा सरसों के तेल में भुनी हुई फिटकरी मिलाकर लगाना फायदेमंद है.

Harish Chawda of Chhatisgarh gives some simple tips for skin disorders. In Herpes applying seedling paste of Jack fruit tree  or mixture of Banyan milk and common salt for 7 days is beneficial. Apply Basil leaves juice after adding soluble Sulfur or mixture of Mustard oil and roasted Alum powder is useful

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गठियावात का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Arthritis

यह सन्देश वैद्य चंद्रकांत शर्मा का मुंगेली, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में चंद्रकांतजी हमें गठियावात के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि 5 ग्राम भुनी फिटकरी, 2 ग्राम बबूल गोंद, 15 ग्राम सुरजान मीठी (बाजार में पंसारी के यहाँ उपलब्ध) इन तीनो को मिलाकर इसमें कुछ बूंद पानी मिलाकर इसकी चने के आकर की गोलियाँ बना ले. इसे 2 गोली की मात्रा में दिन में 3 बार खाने के बाद लेने से लाभ मिलता है. हरसिंगार की पत्तियों का क्वाथ 20 से 80 मी.ली की मात्रा में रोज 2-3 बार पिलाने से लाभ होता है. लहसुन की कुछ कलियों को सरसों के तेल में जलाकर उस तेल से प्रभावित अंग की मालिश करने से आराम मिलता है.

This message from Chandrakant Sharma, Mungeli, Chhatisgarh is about Arthritis. Mix 5 gms roasted Alum, 2 gms Babool (Acacia arabia) glue and 15 gms Surjan Meethi (Available at selected Grocery shop) together and after adding few drops of water make Gram sized pills. Taking 2 pills thrice a day after meals is useful. Taking decoction of Harsingar leaves (Nyctanthes arbor-tristis) also known as Night flowering jasmine in English in 20-80 ml quantity 2-3 times a day is useful. Burn some Garlic buds in Mustard oil and massaging affected body parts using this oil is beneficial.

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गाठियावात का परंपरागत उपचार – Traditional treatment of Arthritis

यह सन्देश वैद्य हरीश चावड़ा का ग्राम गुंडदेही, बालोद, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में हरीशजी हमें गठियावात के उपचार का पारंपरिक तरीका बता रहे है. इनके अनुसार 10 मदार की पत्तियाँ,  10 अरंड की पत्तियाँ और धतूरे की 20 पट्टियों को बारीक पीसकर उसका रस निकल लें. इस रस में रस से दुगनी मात्रा में सरसों का तेल और थोडा लहसुन मिलाकर इसे पकाएं. जब सारा पानी वाष्पीकृत हो जाए तो उस तेल को छानकर  किसी बोतल में सुरक्षित रख लें. इस तेल से गठिया से प्रभावित अंग की मालिश करने से लाभ मिलता है.

This message is from Vaid Harish Chawda of Balod, Chhatisgarh for peaople suffering from Arthiritis. Finely chopp and grind 10 Akaua (Calotropis gigantea) plant leaves, 10 Castor (Ricinus communis)  plant leaves and 20 leaves of Datura  (Stramonium) plant  and the squeeze out the juice. To this juice add about double amount of Mustard oil and boil it with some Garlic till all the water evaporates. After filtration keep this oil in any bottle. Applying this oil to affected body parts is beneficial.

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चर्मरोगों का घरेलू उपचार / Home remedies for Skin diseases

यह सन्देश वैद्य हरीश चावड़ा का ग्राम गुंडरदेही जिला बालोद, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सदेश में हरीशजी चर्मरोगों के घरेलु उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि अगर शरीर में किसी भी प्रकार की खाज, सूखी खुजली या शरीर पर छोटे दाने निकलकर उसमे से पानी निकलता हो तो 50 मी.ली चूने के पानी को कांसे किसी के पात्र में डाल कर उसमे 100 मी.ली सरसों का तेल डालकर उसे अच्छे से मथने पर सफ़ेद रंग का लेप बन जायेगा उस लेप को प्रभावित अंगो पर दिन में 2 बार 8-10 दिनों तक लगातार लगाने से लाभ होता है. दाद या सूखी दाद होने पर भुनी हुई फिटकरी और भुने हुए सुहागे को सामान मात्रा में लेकर उसे बारीक़ पीस लें और उसे दाद पर कुछ दिनों तक रगड़ने से लाभ होता है.

This is a message of Harish Chawda from Gundardehi, dist. Balod, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us domestic tips to treat skin diseases. He says in case of scabies, itching or small rashes on body pour 50 ml lime water & 100 ml mustered oil into any bronze container or plate & churn until white paste is formed. Applying this white paste twice a day on affected body parts continuously for 8-10 days is beneficial. In case of herpes grind roasted alum & borax in equal quantity to make fine powder. Applying this dry powder on affected body  parts for some days is useful. Harish Chawda is @ 9893765366

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त्वचा रोगों के लिए पारंपरिक मलहम / Traditional cream for skin diseases

यह सन्देश रामफल पटेल का प्रज्ञा संजीवनी, पाली, कोरबा, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामफलजी हमें चर्म रोगों में लाभदायक पारंपरिक तरीके से मलहम बनाने की विधि बता रहे है. इनका कहना है कि 25 मी.ली नीम का तेल, 25 मी.ली करंज का तेल, 25 मी.ली सरसों का तेल, 25 मी.ली कुसुम का तेल, 25 ग्राम गंधक, 100 ग्राम चरोटा, 100 ग्राम अमलतास एवं 25 ग्राम जटामांसी को लेकर सबसे पहले चरोटा, जटामांसी और अमलतास का क्वाथ बना लें. इस क्वाथ में में सारे तेलों को मिलकर धीमी आँच पर पकाएं. जब सारा पानी सुखकर सर तेल बच जाए उसे तेल को आंच से उतारकर छानकर उसमे 25 ग्राम मोम मिलाकर आँच पर चढ़ा दे. जब मोम उस तेल में मिल जाये फिर उसमे गंधक मिलाकर आंच से उतार लें. अब आपका मलहम तैयार है. चर्मरोगों में हमेशा नीम युक्त साबुन से ही स्नान करें.

This is a message of Ramfal Patel from Pragya Sanjeevani, Pali, Korba, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us how to make traditional cream for skin diseases. He says take 25 ml Neem oil, 25 ml,  Indian Beech tree oil (Karanj), 25 ml Mustered oil, 25 ml Ceylon oak (Kusum) oil, 25 gms Sulfur, 100 gms Chakora seeds, 100 gms  Golden shower (Amaltas) seeds & 25 gms Muskroot (Jatamansi). First boil Chakora, Muskroot & Golden shower until decoction is formed thereafter, after filtration add all types of oil to it. When, all water evaporates add 25 gms wax & sulfur & mix well. Cream is ready to use.

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गठियावात का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Arthritis

यह सन्देश वैद्य चंद्रकांत शर्मा का मुंगेली छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में चंद्रकांतजी हमें गठियावात के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इसके उपचार के लिए रात को 250 ग्राम खजूर पानी में भिगोकर रखे और सुबह यह खजूर निचोड़कर मरीज को दें. अगर वेदना ज्यादा हो तो कपूर, अफीम और कडवे तेल को गर्म करके प्रभावित स्थान की मालिश करने से लाभ मिलता है.

As per Vaid Chandrakant Sharma, Mungeli, Chhatisgarh – Non diabetic people suffering from Arthiritis can benefit by regularly taking dates  soaked overnight in plain water. Relief can also be had by massaging the effected parts by combination of warm camphor, opium and mustard oil. Diabetic patients can try.

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मुहांसों का पारंपरिक उपचार – Traditional treatment of Pimples

यह सन्देश डॉ. एच डी गाँधी का स्वास्थ्य स्वर से है. अपने इस सन्देश में डॉ गाँधी हमें मुहांसों के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि मुहांसे होने पर पीली सरसों, मसूर की दाल, चिरोंजी और बादाम की गिरी समान मात्रा में इसे पीसकर इसमें दूध मिलाकर लेप बना ले. इस लेप को चेहरे पर लगाकर 2-3 घंटे बाद गुनगुने पानी से धो ले. इसके अलावा मैनफल या जामुन की गुठली पानी में घिसकर लेप लगाएँ. सेमर के थोड़े काँटों को गाय या बकरी के गुनगुने दूध में 2-3 घंटे भिगोकर उसे पीसकर लेप बनाएँ. इस लेप को चेहरे पर लगाकर उसे 1-2 घंटे बाद धो लें. यह नुस्खे मुहांसे कम करने में सहायक है. प्रतिदिन सुबह 10 नीम की पत्तियाँ खाना भी लाभप्रद है. इस उपचार के दौरान पेट साफ़ और कब्ज रहित रहना चाहिए. डॉ. ऍच डी गाँधी का संपर्क है  9752540367

This is a message of Dr. H D Gandhi from Swasthya Swara. In this message he is suggesting some tips to get rid of Pimples. He says grind yellow mustered, lentils, Buchanania lanzan seeds and Almonds in equal quantity. After adding some milk apply this paste on face & has to be left for 2-3 hours. Hereafter, wash your face with lukewarm water. Rub  Mainfal also known as False guava or Malabar plum seed on any hard surface with some water for making paste. Apply this paste on face is useful. Soak some thorns of Silk cotton tree in little warm milk for 2-3 hours. Hereafter grind this soaked thorns for making paste. Apply this paste on face for 1-2 hours & wash with lukewarm water is useful. H D Gandhi @ 9752540367

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विभिन्न कारणों से होने वाले सिरदर्द का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Headache caused due to different reasons

यह सन्देश वैद्य हरीश चावड़ा का ग्राम गुंडरदेही जिला बालोद, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में हरीशजी हमें विभिन्न कारणों से होने वाले सिरदर्द के पारंपरिक उपचार के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि गर्मी के कारण होने वाले सिरदर्द के उपचार के लिए नाक में नीबू के रस की बुँदे टपकाकर उसे ऊपर खीचनें से कुछ ही समय में लाभ मिलने लगता है. सर्दीगर्मी (पित्त) के कारण होने वाले सिरदर्द में मुलतानी मिट्टी में पानी डालकर उसमे नीबू का रस मिलाकर उस लेप को रात्रि के समय माथे पर लगाकर सोने से सिरदर्द में लाभ मिलता है. सर्दी के कारण होने वाले सिरदर्द में दोनों नासिका छिद्रों में  गुनगुने सरसों के तेल की 2-2 बुँदे डालना लाभदायक है

This is a message of Harish Chawda from village Gundardehi, Dist. Balod, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us traditional method to get rid of headache caused due to different reasons. He says for the treatment of headache due to heat inhaling after putting lemon juice drops in nostrils is useful. Add water & lemon juice to Multani soil (Fuller’s earth) to make paste. Applying  this paste on forehead at bed time is beneficial. For headache due to biliousness. Inhaling after putting 2-2 drops lukewarm mustered oil in nostrils is useful.

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घुटनों के दर्द और सूजन का पारंपरिक उपचार / Traditional treatment of Knee pain & swelling

यह सन्देश वैद्य हरीश चावड़ा का ग्राम गुंडरदेही, जिला बालोद, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में हरीशजी हमें घुटनों के दर्द और सूजन से निजात पाने के पारंपरिक घरेलू नुस्खे बता रहे है. इनका कहना है कि इसके उपचार के लिए बाजार से 250 ग्राम कायफल लाकर उसके टुकड़े या चूरा करके उसे 1 लीटर सरसों के तेल में अच्छी तरह पका ले और फिर उसे छानकर उस तेल से घुटनों की मालिश करने के बाद सिंकाई करे या कायफल की छाल बाजार से लाकर उसे नीबू के रस में घिसकर उसका लेप घुटनों पर लगाकर सिंकाई करें. इसे उपचार को 15 दिनों तक लगातार करने से घुटनों के दर्द और सूजन में लाभ मिलता है. हरीश चावड़ा का संपर्क है 9893765366

This is a message of Harish Chawada from village Gundardehi, dist. Balod, Chhatisgarh. In this message he is telling traditional home tips to get rid of knee pain & swelling. He says buy 250 gms Bay berry (Kayephal) and cut them into pieces & cook in mustered oil. After filtration massage you knees using this oil & after massaging foment affected area. Another tip is buy Bay berry bark from local market and rub this bark on any hard surface using lime juice until paste is formed. Apply this paste on knees and foment affected areas is useful in knee pain & swelling. Continue this process for 15 days.  Harish Chawada is @ 9893765366

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