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त्वचा रोगों के लिए पारंपरिक मलहम / Traditional cream for skin diseases

यह सन्देश रामफल पटेल का प्रज्ञा संजीवनी, पाली, कोरबा, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामफलजी हमें चर्म रोगों में लाभदायक पारंपरिक तरीके से मलहम बनाने की विधि बता रहे है. इनका कहना है कि 25 मी.ली नीम का तेल, 25 मी.ली करंज का तेल, 25 मी.ली सरसों का तेल, 25 मी.ली कुसुम का तेल, 25 ग्राम गंधक, 100 ग्राम चरोटा, 100 ग्राम अमलतास एवं 25 ग्राम जटामांसी को लेकर सबसे पहले चरोटा, जटामांसी और अमलतास का क्वाथ बना लें. इस क्वाथ में में सारे तेलों को मिलकर धीमी आँच पर पकाएं. जब सारा पानी सुखकर सर तेल बच जाए उसे तेल को आंच से उतारकर छानकर उसमे 25 ग्राम मोम मिलाकर आँच पर चढ़ा दे. जब मोम उस तेल में मिल जाये फिर उसमे गंधक मिलाकर आंच से उतार लें. अब आपका मलहम तैयार है. चर्मरोगों में हमेशा नीम युक्त साबुन से ही स्नान करें.

This is a message of Ramfal Patel from Pragya Sanjeevani, Pali, Korba, Chhatisgarh. In this message he is suggesting us how to make traditional cream for skin diseases. He says take 25 ml Neem oil, 25 ml,  Indian Beech tree oil (Karanj), 25 ml Mustered oil, 25 ml Ceylon oak (Kusum) oil, 25 gms Sulfur, 100 gms Chakora seeds, 100 gms  Golden shower (Amaltas) seeds & 25 gms Muskroot (Jatamansi). First boil Chakora, Muskroot & Golden shower until decoction is formed thereafter, after filtration add all types of oil to it. When, all water evaporates add 25 gms wax & sulfur & mix well. Cream is ready to use.

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खुजली के निदान में दही का पारंपरिक प्रयोग – Traditional uses of yogurt in itching treatment

यह सन्देश रामप्रसाद निषाद का फरसगांव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़ से है. अपने इस सन्देश में रामप्रसादजी हमें दही और मट्ठे के पारंपरिक औषधीय गुणों के बारे में बता रहे है. इनका कहना है कि दही और मट्ठा औषधीय गुणों से परिपूर्ण है. शरीर के किसी हिस्से में दाद या खुजली होने पर उसके उपचार के लिए 200 ग्राम खट्टा दही को किसी पात्र में रखकर तेज धूप में रख दे और जब उसमे खमीर उत्पन्न होकर झाग बनने लगे तो 12 ग्राम गंधक को बारीक़ पीसकर उसमे अच्छे से मिला दे. इसे किसी साफ बोतल में भरकर रख ले. इसे खुजली वाले स्थान पर थोडा सा खुजला कर लगाएं. इस प्रकार कुछ दिनों तक इसे लगाने से खुजली में आराम मिलेगा. इसके साथ ही सारीवादी वटी की 1-1 गोली दिन में 3 बार लें. इसी प्रकार 1 गिलास मट्ठा प्रतिदिन सुबह और शाम पीने से कफज, पितज और वातज प्रकार के बवासीर में लाभ मिलता है.

This is a message of Ramprasad Nishad from Farasgaon, Kondagaon, Chhatisgarh. In this message he is telling us traditional medicinal properties of yogurt & whey. He says yogurt & whey is enriched in medicinal properties. In case of itching problem keep 200 gms sour yogurt in direct bright sunlight. When yeast & foam is formed add 12 gms sulphur powder to it & stirring keep this combination in clean bottle. Apply this on itching affected body parts for some days is useful for getting relief. Along with this treatment take Sarivadi pills in 1 pill in quantity thrice a day is beneficial. Drinking whey twice a day is useful for piles patients.

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